आगर-मालवा में संत रविदास समरसता यात्रा में मुख्यमंत्री श

आगर-मालवा में संत रविदास समरसता यात्रा में मुख्यमंत्री श

संत
रविदास के संदेश और जीवन
मूल्यों के प्रति समाज में
जागरूकता लाने के उद्देश्य से
प्रदेश के विभिन्न स्थान से
निकाली जा रही समरसता यात्राएँ
12 अगस्त को सागर पहुँचेंगी, जहाँ
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र
मोदी संत रविदास मंदिर निर्माण
का शिलान्यास करेंगे।
यात्राओं ने 8वें दिन 2 अगस्त को
आगर-मालवा, खंडवा, ग्वालियर,
नरसिंहपुर और पन्ना जिले में
सद्भावना का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह
चौहान आगर-मालवा में संत रविदास
समरसता यात्रा में शामिल हुए।
श्री चौहान ने संत रविदास की
चरण पादुका और गंगाजल कलश की
पूजा-अर्चना की और उपस्थित
संतों को सम्मानित किया।
संत
रविदास समरसता यात्राओं में
प्रतिदिन जनसैलाब उमड़ रहा है।
संत रविदास समरसता यात्रा रथ
जहाँ-जहाँ से गुजर रहा है, वहाँ
के लोग स्मारक निर्माण के लिये
अपने क्षेत्र की मिट्टी तथा
नदियों का जल देकर अभिभूत हो
रहे हैं। सभी जगह विभिन्न समाज
के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के
साथ समरसता यात्रा का भव्य
स्वागत किया जा रहा है।
समरसता
यात्रा के 8वें दिन आज आगर-मालवा
जिले में मुख्यमंत्री श्री
शिवराज सिंह चौहान, पन्ना में
पूर्व मंत्री श्री लाल सिंह
आर्य, नरसिंहपुर में विधायक
श्री जालम सिंह पटेल, खण्डवा
में विधायक श्री देवेन्द्र
वर्मा ने और ग्वालियर में
उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
श्री भारत सिंह कुशवाह ने
समरसता यात्रा का स्वागत किया।

आगर-मालवा

आगर-मालवा
में बाबा बैजनाथ मंदिर स्थल पर
मुख्यमंत्री श्री चौहान को
बाणगंगा नदी का जल और बाबा
बैजनाथ परिसर की मिट्टी का कलश
भेंट किया गया। रूट क्रमांक 1 की
संत रविदास यात्रा ने 25 जुलाई को
नीमच से प्रारंभ होकर 2 अगस्त को
आगर मालवा के विभिन्न स्थानों
पर सदभावना संदेश दिया। समरसता
यात्रा में स्वामी शैलेशानंद
गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर
श्री पंच दशनाम, सहित जन-प्रतिनिधि
एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने
सहभागिता की।

खण्डवा

रूट
क्रमांक 2 की संत रविदास यात्रा
ने 25 जुलाई को धार जिले के
माण्डव से प्रारंभ होकर 2 अगस्त
को खण्डवा के विभिन्न स्थानों
पर सदभावना संदेश दिया। यात्रा
ने जिले के पंधाना विधानसभा
क्षेत्र के ग्राम बोरगांव से
प्रवेश किया। विधायक श्री
देवेन्द्र वर्मा ने संत रविदास
जी के पादुका एवं कलश का पूजन-अर्चन
कर यात्रा का शुभारंभ किया।
नागरिकों ने जगह-जगह
हर्षोल्लास के साथ पुष्प-वर्षा
कर यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा के दौरान जन-संवाद के
माध्यम से संत रविदास के संदेश
एवं दर्शन को जनता तक पहुँचाया
गया।

 ग्वालियर

रूट
क्रमांक 3 की संत रविदास समरसता
यात्रा ने 25 जुलाई को श्योपुर
जिले से प्रारंभ होकर 2 अगस्त को
ग्वालियर के विभिन्न स्थानों
पर सद्भावना संदेश दिया। संत
श्री रविदास “समरसता यात्रा”
बुधवार को संगीत की नगरी
ग्वालियर पहुँची। शहर की सीमा
पर अडूपुरा के समीप उद्यानिकी
एवं खाद्य प्र-संस्करण राज्य
मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री
भारत सिंह कुशवाह ने यात्रा का
स्वागत किया।
बाँस
शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष श्री
घनश्याम पिरोनिया एवं
हरिद्वार की साध्वी रंजना दीदी
के नेतृत्व में आई समरसता
यात्रा का ग्वालियर शहर की सीमा
पर जन-प्रतिनिधियों और
नागरिकों ने श्रद्धाभाव के साथ
स्वागत किया। साथ ही संत रविदास
जी की चरण पादुकाओं की पूजा की।
समरसता यात्रा अडूपुरा से
मेहरा टोल, बड़ागाँव पुल, खुरैरी
व एमएच चौराहा होते हुए
तिकोनिया मुरार पहुँची।
तिकोनिया पर जन-संवाद
कार्यक्रम हुआ। यहाँ से समरसता
यात्रा कंपनी बाग रोड, सदर
बाजार व बारादरी चौराहा मुरार
एवं शहीद गेट होते हुए संत
रविदास मंदिर पहुँची और यहाँ पर
भी जन-संवाद हुआ।

नरसिंहपुर

बालाघाट
से 25 जुलाई को प्रारंभ हुई रूट
क्रमांक 4 की समरसता यात्रा ने 2
अगस्त को नरसिंहपुर के विभिन्न
स्थानों पर सद्भावना संदेश
दिया। छिंदवाड़ा जिले के हर्रई
विकासखंड से होती हुई यात्रा
ग्राम भैंसा पहुँची। जिले की
सीमा पर विधायक श्री जालम सिंह
पटेल ने यात्रा की अगवानी की।
सिंहपुरबड़ा, कोसमखेड़ा तिराहा,
निवारी, आमगांवबड़ा व करेली
बस्ती के भ्रमण कर समरसता का
संदेश दिया। पुरानी गल्ला मंडी
करेली में जन-संवाद हुआ।

पन्ना

सिंगरौली
से 26 जुलाई को प्रारंभ हुई रूट
क्रमांक 5 की समरसता यात्रा 2
अगस्त को पन्ना जिले के गुनौर
विकासखण्ड के ग्राम सेल्हा
पहुँची। यहाँ स्थानीय जन-प्रतिनिधियों
सहित ग्रामवासियों ने ढोल
नगाड़े और कलश यात्रा के साथ
पुष्प-वर्षा कर समरसता यात्रा
का भव्य स्वागत किया। संत
रविदास के चित्र पर माल्यार्पण
व पूजन-अर्चन कर गाँव की पवित्र
मिट्टी और जल-कलश भेंट किया
गया।
ग्राम
सेल्हा में यात्रा के भ्रमण
उपरांत गंज में यात्रा का
स्वागत किया गया। मानिकपुर
विष्णु में जन-संवाद कार्यक्रम
के माध्यम से लोगों को यात्रा
के उद्देश्य एवं सामाजिक
समरसता के महत्व के बारे में
जानकारी दी गई। जनसंवाद
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री
लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत
रविदास जी के विचारों ने
सर्वसमाज को सामाजिक समरसता और
भाईचारे का संदेश दिया है।
तीन
अगस्त की समरसता यात्रा का रूट
नीमच
से प्रारंभ प्रथम रूट की समरसता
यात्रा दसवें दिन तीन अगस्त को
राजगढ़, द्वितीय रूट की धार से
प्रारंभ यात्रा खण्डवा, तृतीय
रूट की श्योपुर से प्रारंभ
यात्रा ग्वालियर, चतुर्थ रूट की
बालाघाट से प्रारंभ यात्रा
नरसिंहपुर एवं पाँचवें रूट की
सिंगरौली से प्रारंभ यात्रा
पन्ना में संत रविदास के
संदेशों को जन-जन तक
पहुँचायेगी।