डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट में मध्यप्रदेश की बड़ी ?

डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट में मध्यप्रदेश की बड़ी ?

राष्ट्रपति
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू
डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स
मैनेजमेंट प्रोग्राम (DILRMP) के
अंतर्गत प्रभावी भू-अभिलेख
प्रबंधन प्रणाली विकसित कर भू-अभिलेख
को रियल टाइम में अद्यतन करने
के लिए मध्यप्रदेश के 15 जिलों के
कलेक्टर्स को “भूमि सम्मान
प्रमाण-पत्र” प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह
चौहान ने इस उपलब्धि के लिए
राजस्व विभाग, तत्कालीन प्रमुख
सचिव राजस्व श्री मनीष रस्तोगी,
सभी संबंधित जिला कलेक्टर्स
तथा पूरी टीम को बधाई दी है।

नई
दिल्ली में मध्यप्रदेश के 15
जिलों भोपाल, उमरिया, अनूपपुर,
हरदा, खरगोन, अलीराजपुर, गुना,
आगर-मालवा, नीमच, टीकमगढ़,
उज्जैन, इंदौर, विदिशा,
सिंगरौली और सीधी जिले के
कलेक्टर्स सम्मानित होंगे।

मध्यप्रदेश
के इन जिलों द्वारा डिजिटल
इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स
मैनेजमेंट प्रोग्राम के सभी
घटकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि
पर उन्हें प्लेटिनम ग्रेडिंग
प्रदान की गई है। ये घटक है लैंड
रिकॉर्ड्स का कंप्यूटराइजेशन,
भू-कर मानचित्रों का
डिजिटाइजेशन, पंजीयन का
कंप्यूटराइजेशन, पंजीयन का भू-अभिलेखों
के साथ एकीकरण, भू-कर मानचित्र
का भू-अभिलेखों के साथ लिंकेज
और आधुनिक रिकॉर्ड रूम।
यह
है DILRMP

डिजिटल
इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स
मैनेजमेंट प्रोग्राम केंद्र
सरकार के शत-प्रतिशत वित्तपोषण
से डिपार्टमेंट ऑफ लैंड
रिसोर्सेस द्वारा वर्ष 2008-9 से
चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम
का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की
सुविधा की दृष्टि से आधुनिक,
विस्तृत और पारदर्शी भू-अभिलेख
प्रबंधन प्रणाली विकसित करना
है। कार्यक्रम के अंतर्गत
जनवरी 2022 के बाद से, अच्छा कार्य
करने वाले जिलों को पुरस्कृत
करने के लिए, उनके द्वारा
कार्यक्रम के एमआईएस पर अंकित
डाटा के आधार पर, मंथली
ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई
है। इसमें 90% से 95% तक सिल्वर, 95% से
99% तक गोल्ड और 99% से अधिक कार्य
दक्षता पर प्लैटिनम ग्रेड
प्रदान की जाती है।