MP Politics: शिवराज सरकार का अवैध कॉलोनियों पर मास्टर स्ट्रोक, छ?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव के पहले मध्य प्रदेश की छह हजार कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला ले लिया है.अवैध कॉलोनियों को वैध करते हुए यहां रहने वाले लोगों को नियमितीकरण के प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे. विधानसभा चुनाव के पहले सरकार का यह बड़ा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. इससे लाखों परिवारों का आकर्षण सरकार की ओर बढ़ेगा.

कहां हैं कितनी कॉलोनियां

मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में अवैध कॉलोनियों की भरमार है.प्रदेश के सभी 52 जिलों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर अवैध कालोनियों की सूची बनाई गई थी. जिन कॉलनियों में सारी सुविधाएं उपलब्ध है और कॉलोनी की भूमि सरकारी नहीं है तो ऐसी जमीनों का पूरी तरह परीक्षण करने के बाद विकास शुल्क जमा करते ही कॉलोनियों को वैध करने के निर्देश जारी करने का फैसला हो चुका है.इस कड़ी में मध्य प्रदेश की छह हजार कॉलोनियों से अधिक कॉलोनियों को फायदा मिलने जा रहा है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 23 मई को मुख्यमंत्री निवास पर लोगों को नियमितीकरण के प्रमाण पत्र वितरित करेंगे.विधानसभा चुनाव 2023 को देखते हुए सरकार के फैसले का लाभ प्रदेश के लाखों परिवारों को मिलने जा रहा है.ऐसी उम्मीद की जा रही है कि द्वितीय चरण में और भी कॉलोनियों को वैध किया जा सकता है.

लोगों को ऐसे मिलेगा फायदा

अवैध कॉलोनियों में भले ही बिजली सड़क और पानी की सुविधा मुहैया कराई जा रही हो मगर अवैध कॉलोनियों में भूखंड और भवन की कीमत काफी कम होती है.ऐसी जमीनों और उन पर बने मकानों का बैंक से लोन भी नहीं होता है.नियमितीकरण का प्रमाण पत्र मिलने के बाद भूखंड और भवन के दाम में इजाफा होता है.इसके अलावा बैंक से आसानी से ऋण भी मिल जाता है.यही वजह है कि लोग अवैध कॉलोनी को वैध करने की हमेशा से मांग उठाते आए हैं.

नगरीय निकाय चुनाव में बड़ा मुद्दा

मध्य प्रदेश में जब भी नगरी निकाय चुनाव होते हैं, तब अवैध कालोनियों को वैध करने का बड़ा मुद्दा बनता है.इसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दल हमेशा से अवैध कॉलोनी को वैध करने की घोषणा करते हैं लेकिन अब जाकर उन्हें अमलीजामा पहनाया जा रहा है.हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं.