CJP का तिरंगा मार्च पुलिस द्वारा रोका, 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रावधान
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में सेंट्रल पार्क में “लहरा दो तिरंगा” रैली बुलाई। पुलिस ने CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत में लिया, और कुल 150 प्रदर्शनकारियों को रोका। दीपके को 6 दिनों में दूसरी बार कस्टडी में लिया गया, जबकि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था।
न्यू दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क को आम लोगों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है और पार्टी को NDMC से अनुमति नहीं मिली है, अतः धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। पुलिस ने नोटिस जारी किया, जिसमें CJP के पिछले आचरण और सार्वजनिक व्यवस्था में व्यवधान का हवाला दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था और न्यायिक प्रतिक्रिया
कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मी और 22,000 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) जवान तैनात किए गए। CCTV कैमरों का नेटवर्क भी बढ़ाया गया और राजीव चौक, जंतर-मंतर, पालिका बाजार, मेट्रो स्टेशन आदि स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NDMC के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP के 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा रैली पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, पर पुलिस से आश्वासन लिया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Ravi Yadav