इंदौर अस्पताल में चूहों के काटने से नवजात शिशुओं की मौत
घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े किए
मध्य प्रदेश के इंदौर में महाराजा यशवंतराव सरकारी अस्पताल में दो नवजात शिशुओं की चूहों के काटने से मौत हो गई। यह घटना अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में हुई, जहां चूहों ने एक शिशु की उंगलियां और दूसरे शिशु के सिर व कंधे को कुतर दिया।
मौत के कारणों पर विवाद
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि एक शिशु की मौत निमोनिया के कारण हुई, जबकि दूसरे नवजात की मृत्यु रक्त संक्रमण की वजह से हुई। हालांकि, इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है, और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे 'सरकारी लापरवाही' और 'हत्या' करार दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह घटना अमानवीय है और सरकार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
राहुल गांधी का बयान और प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में ऐसी घटनाएं गरीबों के अधिकारों के हनन का प्रतीक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य क्षेत्र को जानबूझकर निजी हाथों में सौंपा गया है, जिससे गरीबों के लिए सरकारी अस्पताल अब मौत के अड्डे बन गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और हर गरीब, हर परिवार और हर बच्चे के अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेगी।
अस्पताल प्रशासन की सफाई
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने कहा कि मृत नवजात शिशु का वजन केवल 1.60 किलोग्राम था और वह जन्मजात विकृतियों से ग्रस्त था। उन्होंने बताया कि सात दिन पहले उसका ऑपरेशन हुआ था और सेप्टिसीमिया यानी रक्त संक्रमण के कारण उसकी हालत गंभीर थी। परिजनों की इच्छा के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम किए बिना उन्हें सौंप दिया गया।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल अस्पताल की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि देश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद, यह स्पष्ट है कि गरीबों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सरकार की है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।