मध्यप्रदेश में बारिश से कई जिलों में जलजमाव
मध्यप्रदेश के 13 जिलों में बुधवार को बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ। भोपाल और इंदौर में देर शाम तक तेज बारिश दर्ज की गई। इटारसी में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन संचालन बाधित हुआ।
रीवा और सतना में सबसे ज्यादा बारिश
राज्य के रीवा और सतना में दोपहर तक सबसे अधिक पौने 2 इंच बारिश दर्ज की गई। टीकमगढ़, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई। हालांकि, कुछ जिलों में तेज धूप भी देखने को मिली।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश के आसपास तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, लेकिन इनका प्रभाव सीमित है। अगले तीन दिनों तक तेज बारिश की संभावना कम है, लेकिन लोकल सिस्टम के कारण हल्की बारिश हो सकती है।
मानसून की वापसी शुरू
राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों से मानसून लौटने लगा है। अगर यही रफ्तार रही तो मध्यप्रदेश के कई जिलों में भी मानसून की वापसी जल्द हो सकती है।
बारिश के आंकड़े
मध्यप्रदेश में 16 जून से अब तक 42.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 37 इंच से अधिक है। ग्वालियर और चंबल संभागों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभागों में स्थिति कमजोर रही।
भविष्य की संभावना
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मानसून की वापसी के साथ राज्य में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम होंगी। हालांकि, स्थानीय मौसमी प्रभावों के कारण हल्की बारिश हो सकती है।
मध्यप्रदेश में बारिश ने कुछ क्षेत्रों में राहत तो दी है, लेकिन जलभराव और अन्य समस्याओं से लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।