सपा विधायक का इस्तीफा और अखिलेश के सामने सांसद-विधायक की भिड़ंत.

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सपा विधायक का इस्तीफा और अखिलेश के सामने सांसद-विधायक की भिड़ंत.

सपा विधायक कमाल अख्तर ने मुख्य सचेतक पद से दिया इस्तीफा, सांसद रुचि वीरा से अनबन बनी वजह

समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा मुरादाबाद की कांठ सीट से विधायक कमाल अख्तर और मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा के बीच चल रहे लंबे विवाद का परिणाम बताया जा रहा है।

लखनऊ में अखिलेश यादव की बैठक में हुई तीखी बहस

सूत्रों के अनुसार, 25 जून को सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी। इस बैठक में भी दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। विधायक कमाल अख्तर ने सांसद पर आरोप लगाया कि वह उन्हें पार्टी कार्यक्रमों में नहीं बुलाती हैं और न ही अपने पोस्टरों पर विधायकों की फोटो लगवाते हैं। वहीं, सांसद रुचि वीरा ने भी विधायक पर कार्यक्रमों में न बुलाने और पोस्टरों में फोटो न लगाए जाने का आरोप लगाया।

'मैडम के चपरासी को सलाम नहीं करूँगा'

बैठक के दौरान विधायक कमाल अख्तर ने कहा, "मैडम ठीक हैं। हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन इनके चपरासी को सलाम करना पड़े, ये मुझसे नहीं होगा।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद रुचि वीरा अपनी होर्डिंग्स पर किसी विधायक का फोटो नहीं लगाती हैं और न ही अपने किसी कार्यक्रम में विधायकों को बुलाती हैं।

रुचि वीरा की जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को हटाने की मांग

सांसद रुचि वीरा ने अखिलेश यादव के सामने मुरादाबाद जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और महानगर अध्यक्ष इकबाद हुसैन अंसारी को हटाने की मांग भी रखी। इस पर अखिलेश यादव ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने नेताओं को गुटबाजी से दूर रहने की चेतावनी भी दी।

विधायक कमाल अख्तर द्वारा मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा देने के बाद इस पूरे मामले ने पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया है।

Vivek Singh