ट्रम्प ने नोबेल न मिलने पर जताई नाराजगी, पिल्लै को बताया अनजान

· 1 min read
ट्रम्प ने नोबेल न मिलने पर जताई नाराजगी, पिल्लै को बताया अनजान

ट्रम्प ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर नाराजगी जताई, पिल्लै को बताया अनजान

ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार नहीं देकर नॉर्वे ने अपने ऊपर ऐसा दाग लगा लिया है जो कभी नहीं मिटेगा। उन्होंने इस फैसले को शर्मनाक और अपमानजनक बताते हुए कहा कि उन्हें हर जंग रोकने के लिए आठ बार पुरस्कार मिलना चाहिए था।

इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की पूर्व संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लै को दिया गया है। ट्रम्प ने कहा कि पिल्लै को कोई नहीं जानता और पुरस्कार एक लिबरल को दिया गया है जो संयुक्त राष्ट्र में काम करती हैं और जिनके बारे में किसी ने नहीं सुना।

ट्रम्प के युद्ध रोकने के दावे

ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार रखने वाले दोनों देशों को युद्ध से रोककर उन्होंने 5 करोड़ लोगों की जान बचाई। ट्रम्प ने कहा कि वह ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए अमेरिका नॉर्वे को कभी नहीं भूलेगा। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका। अगर ऐसा नहीं होता, तो पूरे मिडिल-ईस्ट के साथ यूरोप और अमेरिका तक तबाही फैल सकती थी। उन्होंने कहा, 'मैंने इतिहास में किसी भी दूसरे व्यक्ति से ज्यादा लोगों की जान बचाई है।'

नोबेल समिति और पूर्व विजेताओं का विवरण

ट्रम्प 2018 से नोबेल पुरस्कार की मांग कर रहे हैं। पुरस्कार मिलने के बाद पिल्लै ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर थोड़ी और तालियां बजेंगी तो शायद वह पुरस्कार ट्रम्प के साथ बांट लेंगी। इससे पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो ने 2025 का अपना नोबेल पुरस्कार ट्रम्प को दिया था, लेकिन नोबेल समिति के मुताबिक पुरस्कार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर, साझा या वापस नहीं किया जा सकता। अब तक चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों को नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है: थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा। ट्रम्प ओबामा को 2009 में मिले पुरस्कार से खास तौर पर नाराज रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि ओबामा को सिर्फ 8 महीने में यह मिल गया जबकि उन्होंने कुछ किया भी नहीं था। नॉर्वे की नोबेल समिति ने ओबामा को दूसरे देशों से बातचीत बढ़ाने और दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की कोशिशों के लिए चुना था।

नोबेल समिति ने 2026 का शांति पुरस्कार पिल्लै को युद्ध अपराध और नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने और अंतरराष्ट्रीय कानून को मजबूत करने के प्रयासों के लिए दिया है। समिति ने कहा कि दुनिया में युद्ध और संघर्ष बढ़ रहे हैं, ऐसे में शांति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और उसे मजबूत करना बेहद जरूरी है। पिल्लै ने रंगभेद के खिलाफ लड़ने वाले नेल्सन मंडेला समेत कई लोगों की मदद की थी।

Adarsh Chaurasiya