भाजपा ने तीन राज्यों के चुनाव प्रभारी नियुक्त किए

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भाजपा ने तीन राज्यों के चुनाव प्रभारी नियुक्त किए

भाजपा ने तीन राज्यों के चुनाव प्रभारी नियुक्त किए

तीन राज्यों में चुनाव की तैयारी

भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। यह कदम पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिससे इन राज्यों में भाजपा के प्रदर्शन को मजबूती दी जा सके।

बिहार में धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी

बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा ने यहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल को सह प्रभारी बनाया गया है। बिहार में फिलहाल भाजपा और जेडीयू का गठबंधन सत्ता में है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं।

पश्चिम बंगाल में भूपेंद्र यादव को प्रभारी बनाया गया

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में मार्च से मई के बीच होने की संभावना है। यहां केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव को प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। बंगाल में फिलहाल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता में है।

तमिलनाडु में बैजयंत पांडा को जिम्मेदारी

तमिलनाडु में भी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा ने यहां पार्टी सांसद बैजयंत पांडा को प्रभारी और मुरलीधर मोहोल को सह प्रभारी नियुक्त किया है। तमिलनाडु में फिलहाल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सत्ता में है।

चुनाव आयोग ने गिनती के नियमों में बदलाव

बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती के नियमों में बदलाव किया है। अब पोस्टल बैलट की गिनती पूरी होने तक EVM के अंतिम राउंड की काउंटिंग नहीं होगी। साथ ही, अगर बैलट ज्यादा हैं तो गिनती के लिए अतिरिक्त टेबल भी लगाई जाएंगी। यह कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।

निष्कर्ष

भाजपा ने तीन प्रमुख राज्यों में चुनाव प्रभारियों की नियुक्ति कर अपनी रणनीति को मजबूती दी है। यह नियुक्तियां पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं क्योंकि बिहार में गठबंधन सरकार है, जबकि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विपक्षी दलों का दबदबा है। आने वाले चुनाव इन राज्यों में पार्टी की स्थिति को नया आकार देंगे।