भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और ड्रग्स पर तनाव

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भारत-अमेरिका  संबंधों में व्यापार और ड्रग्स पर तनाव

भारत-अमेरिका संबंधों में व्यापार और ड्रग्स पर तनाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात एक महत्वपूर्ण वार्ता की। यह बातचीत प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने व्यापार विवाद को सुलझाने और द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश की। हाल ही में दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक वार्ता भी आयोजित हुई थी।

ड्रग्स पर अमेरिकी रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

इस बीच, अमेरिका ने अपनी कांग्रेस में एक रिपोर्ट पेश की है, जिसमें भारत को ड्रग्स ट्रांजिट और अवैध ड्रग्स उत्पादन करने वाला देश बताया गया है। अमेरिकी सरकार ने प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन के तहत 23 देशों की एक सूची जारी की है, जिसमें भारत सहित अन्य देशों को ड्रग्स और उनके निर्माण से जुड़े रसायनों के उत्पादन और अमेरिका तक तस्करी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

रिपोर्ट में शामिल अन्य देश

इस सूची में भारत के साथ अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान, म्यांमार, मैक्सिको, कोलंबिया, वेनेज़ुएला जैसे देशों के नाम शामिल हैं। अमेरिका ने इनमें से पांच देशों—अफगानिस्तान, बोलीविया, म्यांमार, कोलंबिया और वेनेज़ुएला—पर मादक पदार्थ विरोधी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू न करने का आरोप लगाया है।

चीन पर कड़ा रुख

अमेरिका ने चीन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उसे फेंटेनिल और अन्य खतरनाक रसायनों के उत्पादन को बढ़ावा देने वाला सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बताया है। अमेरिका का कहना है कि चीन से निकले रसायन दुनिया भर में नई नशे की लत को जन्म दे रहे हैं।

ड्रग्स संकट पर अमेरिका की चिंताएं

अमेरिका ने कहा है कि ड्रग्स तस्करी और नए रसायनों के नशे ने देश में राष्ट्रीय आपात जैसी स्थिति पैदा कर दी है। यह समस्या 18 से 44 वर्ष के नागरिकों की मौत का प्रमुख कारण बन चुकी है।

यह वार्ता और रिपोर्ट भारत-अमेरिका संबंधों के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक और ड्रग्स से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत और प्रयास जारी रहेंगे।