उज्जैन में गरबा के लिए गैर-हिंदुओं पर सख्त नियम
नवरात्रि की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश के उज्जैन में गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने के लिए आयोजकों ने कड़े नियम बनाए हैं। इसमें आधार कार्ड, कलावा और तिलक अनिवार्य किया गया है। साथ ही, मोबाइल चैट हिस्ट्री भी जांची जाएगी।
गरबा पंडालों में सुरक्षा बढ़ाई गई
शहर के विभिन्न हिस्सों में गरबा आयोजनों के दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई है। आयोजकों ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश को रोकने के लिए आईडी जांच और अन्य सुरक्षा उपाय तय किए हैं। साथ ही, युवतियों को तलवार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे आत्मरक्षा के लिए तैयार रह सकें।
हिंदूवादी नेताओं की अपील
कुछ हिंदूवादी नेताओं ने नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में सख्त नियम लागू करने की मांग की है। उनका आरोप है कि गैर-हिंदू युवक फर्जी पहचान के जरिए पंडालों में प्रवेश करते हैं और लव जिहाद जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। उन्होंने पंडालों में बोर्ड लगाने और आईडी व मोबाइल चेकिंग की अपील की है।
पारंपरिक गरबा के साथ भव्य आयोजन
उज्जैन में निरात डांडिया का आयोजन 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक किया जाएगा। आयोजन में पारंपरिक गरबा, कपल गरबा और पारिवारिक गरबा की विशेष प्रस्तुतियां होंगी। आयोजकों ने शहरवासियों के लिए फ्री एंट्री की व्यवस्था की है, लेकिन आईडी चेकिंग अनिवार्य होगी।
आयोजकों का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कदम गरबा के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।