भोपाल के बड़ा तालाब के संरक्षण के लिए सांसद की बड़ी पहल
भोपाल के बड़ा तालाब, जिसे शहर की लाइफ लाइन कहा जाता है, के संरक्षण और अतिक्रमण हटाने के लिए सांसद आलोक शर्मा ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने तालाब के लिए एक मास्टर प्लान बनाने और इसके 50 मीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई है।
36 किमी लंबी पदयात्रा की घोषणा
सांसद आलोक शर्मा ने घोषणा की है कि वे बड़ा तालाब के आसपास 36 किमी लंबी पदयात्रा करेंगे। उन्होंने बताया कि बड़ा तालाब में ढाई सौ से अधिक जलीय और औषधीय पौधे लगे हैं, जिनका संरक्षण करना आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने भारत सरकार की एनवायरमेंट कमेटी में इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दिया है।
बड़ा तालाब का ऐतिहासिक और जलभराव महत्व
बड़ा तालाब 3 लाख से अधिक लोगों की प्यास बुझाने के साथ-साथ शहर का वाटर लेवल बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तालाब से प्रतिदिन 25 मिलियन गेलन पानी सप्लाई किया जाता है, जो भोपाल के 20% से अधिक इलाकों तक पहुंचता है।
अतिक्रमण और पानी की कमी की समस्या
तालाब के आसपास के 50 मीटर के क्षेत्र में 1300 से अधिक अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा, पिछले 60 वर्षों में तालाब में गाद जमने के कारण इसकी जलग्रहण क्षमता में 25 अरब लीटर की कमी आई है। भदभदा, बैरागढ़ और सीहोर रोड के पास तेजी से निर्माण कार्य हुए हैं, जिससे तालाब पर दबाव बढ़ा है।
संरक्षण की दिशा में भविष्य की योजनाएं
सांसद ने कहा कि तालाब के चारों ओर 20 लाख से अधिक पेड़ हैं और इसका संरक्षण जरूरी है। प्रशासन ने पहले भी अतिक्रमण पर कार्रवाई की है, लेकिन इसे ठोस रूप देने के लिए मास्टर प्लान की आवश्यकता है।
बड़ा तालाब के संरक्षण की यह पहल भोपाल के पर्यावरण और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने में अहम कदम हो सकती है। यदि प्रभावी रूप से इसे लागू किया गया, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी समाधान साबित होगा।