CJP नेताओं की जमानत पर सुनवाई, धमकी और देरी के आरोप

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CJP नेताओं की जमानत पर सुनवाई, धमकी और देरी के आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की जमानत और गिरफ्तारी की घटनाएं

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को सोमवार दोपहर मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया जाना है और उनकी जमानत पर फैसला होगा। इससे पहले दोनों की जमानत को लेकर स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को कथित धमकी मिलने की बात सामने आई है, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। धमकी देने वाले की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के अनुसार, रविवार को जमानत पर सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट और सरकारी वकील दोपहर 12 बजे से इंतजार के बाद शाम करीब 5:30 बजे पहुंचे। पार्टी का आरोप है कि दोनों नेताओं की रिहाई पर सुनवाई करने के बजाय मजिस्ट्रेट को मिले धमकी भरे संदेश पर चर्चा की गई। रत्ना सिंह ने सवाल उठाया कि इस मैसेज का दोनों नेताओं की जमानत से क्या संबंध है। उन्होंने कहा कि CJP ने मैसेज भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। पुलिस ने इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है।

CJP ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों नेताओं के जमानतदारों के दस्तावेजों की जांच में देरी की गई और चार जमानतदारों को स्पष्ट कारण बताए बिना खारिज कर दिया गया। जमानत के लिए बैंक की मुहर वाली फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद को दोबारा मंजूरी के लिए पेश करने पर भी पार्टी ने सवाल उठाए। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को जेल में रखने के लिए जमानत की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। पार्टी ने कहा कि वह दोनों की रिहाई के लिए आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेगी। आशुतोष और सौरव 14 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

गिरफ्तारी की समयरेखा

10 अक्टूबर को CJP SIR के विरोध और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाली थी। उस दिन सुबह CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से ही पुलिस ने हिरासत में लिया था। तीनों को 11 अक्टूबर को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया और 50-50 हजार रुपए के जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

13 अक्टूबर को जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के एक दिन बाद आशुतोष और सौरव तिरंगा लेकर वहां पहुंचे थे। उनके साथ कुछ प्रदर्शनकारी भी थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था।

16 अक्टूबर को CJP ने आशुतोष और सौरव की हिरासत के विरोध में कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' रैली बुलाई थी। दीपके को रैली से पहले हिरासत में ले लिया गया था और 17 अक्टूबर को 50 हजार रुपए के बेल बॉन्ड पर जमानत मिली थी।

पुलिस की कार्रवाई और पूर्व प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के तिरंगा मार्च को लेकर शनिवार को कम से कम 3 FIR दर्ज कीं। इनमें CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP नेताओं समेत कई लोगों के नाम हैं। FIR कनॉट प्लेस और मंडी हाउस थानों में दर्ज की

Navjeet Kaur