ICC ने लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम की पिचों पर की बड़ी कार्रवाई
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने लॉर्ड्स (लंदन) और गद्दाफी स्टेडियम (लाहौर) की पिचों को 'असंतोषजनक' करार देते हुए दोनों मैदानों को 1-1 डिमेरिट पॉइंट देने का फैसला किया है। यह कार्रवाई इन मैदानों पर हाल ही में खेले गए अंतर्राष्ट्रीय मैचों की पिचों की गुणवत्ता के आधार पर की गई है। लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले टेस्ट मैच की पिच को जहां बहुत ज्यादा सीम और असमान बाउंस के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, वहीं गद्दाफी स्टेडियम की पिच को धीमी और स्पिनरों के लिए अत्यधिक मददगार बताया गया, जो वनडे प्रारूप के लिए उपयुक्त नहीं थी।
पहली बार मिला डिमेरिट पॉइंट, 14 दिन में अपील का समय
ICC ने स्पष्ट किया है कि यह पहला अवसर है जब लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम को पिचों की गुणवत्ता के लिए डिमेरिट पॉइंट दिए गए हैं। मैच रेफरी की रिपोर्ट के आधार पर लिए गए इस निर्णय की सूचना इंग्लैंड और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भेज दी गई है। दोनों देशों के पास ICC के इस फैसले के खिलाफ अपील करने या चुनौती देने के लिए 14 दिनों का समय है।
डिमेरिट पॉइंट का प्रभाव और नियम
ICC के नियमों के अनुसार, डिमेरिट पॉइंट 5 वर्षों तक वैध रहते हैं। यदि किसी मैदान को 5 साल की अवधि में 6 डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं, तो उस मैदान पर 12 महीने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। लॉर्ड्स की पिच पर पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17 विकेट गिरने की घटनाएं, पिच की खेल के लिए अनुपयुक्तता को दर्शाती हैं। वहीं, गद्दाफी स्टेडियम की धीमी पिच पर ऑस्ट्रेलिया 157 रन ही बना सका था, जिसे पाकिस्तान ने 4 विकेट खोकर हासिल किया था।
Amit Pateria