राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने पर चुनाव आयोग से की शिकायत
मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में कांग्रेस नेता आज दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे। मंगलवार को भाजपा की आपत्ति के बाद उनका नामांकन खारिज कर दिया गया था, जिसमें उन पर शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। कांग्रेस ने इस फैसले को "लोकतंत्र की हत्या" और "सीट चोरी" बताया है।
कांग्रेस नेताओं का विरोध प्रदर्शन
मंगलवार रात को भोपाल में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। दफ्तर बंद होने के कारण वे वहां धरने पर बैठ गए, जिसके बाद डिप्टी सीईओ ने बुधवार को मिलने का समय दिया। दिल्ली में भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, के.सी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट और भूपेश बघेल ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया।
कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक साजिश
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भाजपा के दबाव में काम कर रहा है और नामांकन रद्द करना एक राजनीतिक साजिश है। पार्टी का कहना है कि जिस मामले के आधार पर नामांकन रद्द किया गया, वह आपराधिक मामला नहीं है और कोर्ट ने अभी तक उस पर संज्ञान भी नहीं लिया है। कांग्रेस ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की भी घोषणा की है।
पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने खारिज कर दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस फैसले के बाद अब तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो सकते हैं।
Sharad Shrivastava