मध्य प्रदेश में मानसून का पूर्ण आगमन, 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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मध्य प्रदेश में मानसून का पूर्ण आगमन, 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून का पूर्ण आगमन, 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

गुरुवार को मानसून ने पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया है। उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भी गुरुवार को मानसून पहुंच गया, जिससे प्रदेश में इसकी एंट्री 24 जून को होने के 9 दिन बाद यह पूरे प्रदेश में फैल गया है। हालांकि, इस बार मानसून सामान्य से 9 दिन लेट रहा है, क्योंकि आमतौर पर यह 15 जून तक दस्तक दे देता है।

अति भारी और भारी बारिश का अलर्ट

आज हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है। वहीं, अशोकनगर, देवास, खंडवा, बैतूल, सागर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।

अन्य जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, बैतूल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गुरुवार को आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है।

बुधवार को इंदौर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, जिससे दुकानों में पानी घुस गया और सड़कें जलमग्न हो गईं। बारिश के दौरान एक थार नाले में गिर गई, जिसमें सवार परिवार को सुरक्षित बचा लिया गया। इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में रपटा पार करते समय तेज बहाव में दो बाइक सवार बह गए, जिनमें से एक लापता है और उसकी तलाश जारी है।

अगले 4 दिनों तक अति भारी बारिश का अनुमान

प्रदेश में अगले 4 दिनों, यानी 5 जुलाई तक अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट है। 3 जुलाई को धार और बड़वानी, तथा 4 जुलाई को खरगोन में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

इस बार जून में कम बारिश हुई, जबकि 1 जुलाई को कई जिलों में तेज पानी बरसा। इसके चलते अब तक कुल 100.2 मिमी (4 इंच) बारिश हुई है, जो सामान्य बारिश 139.7 मिमी (5.4 इंच) से 28 प्रतिशत कम है।

जुलाई से उम्मीदें

मौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश के बावजूद जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने में मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। भोपाल में सामान्यतः 39 इंच बारिश होती है, जिसमें से 14 इंच जुलाई में होती है। जबलपुर में सबसे ज्यादा 17 इंच से अधिक बारिश होती है। जुलाई के महीने में प्रदेश की कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है।

प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिलों की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जुलाई 1913 का है। भोपाल में एक ही महीने में 41 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1986 का है, जबकि 22 जुलाई 1973 को एक दिन में 11 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में 1930 में करीब 45 इंच बारिश हुई थी, और 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे में सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। ग्वालियर में पिछले 10 सालों में 6 बार 8 इंच से कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है।

Navjeet Kaur