उज्जैन में बनेगा विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू
उज्जैन में नवलखी के आरक्षित वन क्षेत्र में लगभग 200 हेक्टेयर में एक विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू विकसित किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार, यह देश के सबसे आधुनिक और अनोखे प्राकृतिक फॉरेस्ट जू में से एक होगा, जो पर्यटकों को वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में करीब से देखने का अनुभव प्रदान करेगा।
300 प्रजातियों को लाने का प्रस्ताव
उज्जैन वन मंडल के DFO अनुराग तिवारी ने बताया कि इस जू में 300 से अधिक वन्यजीव प्रजातियों को लाने का प्रस्ताव है। परियोजना की तकनीकी स्वीकृति के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) को भेजे गए प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
पहले चरण में 60 हेक्टेयर क्षेत्र में 'इंडिया ज़ोन'
यह परियोजना दो चरणों में विकसित की जाएगी। पहले चरण में लगभग 60 हेक्टेयर क्षेत्र में 'इंडिया ज़ोन' बनाया जाएगा। इसमें केवल भारत में पाए जाने वाले वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में प्रदर्शित किया जाएगा। इस ज़ोन में बड़े ड्राइव-थ्रू सफारी क्षेत्र, खुले प्राकृतिक बाड़े और आधुनिक आगंतुक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को जंगल जैसा वास्तविक अनुभव मिल सके।
दूसरे चरण में 'फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड' थीम
परियोजना के दूसरे चरण में 'फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड' थीम पर विकास कार्य होगा। इसमें अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के वन्यजीवों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे यह जू अंतरराष्ट्रीय स्तर का आकर्षण बन सकेगा।
ओवरब्रिज और अंडरपास का प्रस्ताव
इस परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि जू का क्षेत्र उज्जैन फोरलेन और पंचकोशी मार्ग से दो हिस्सों में विभाजित होता है। इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग ने 35 मीटर चौड़ा ग्रीन ओवरब्रिज और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस ओवरब्रिज पर पैदल चलने वालों और बैटरी संचालित इलेक्ट्रिक सफारी के लिए अलग-अलग मार्ग होंगे। ब्रिज पर घने पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, ताकि वन्यजीवों पर शोर या दृश्य का प्रभाव न पड़े और आगंतुकों को भी जंगल जैसा अनुभव मिल सके।
Bhavanesh Soni