नक्सलियों का शांति वार्ता का बड़ा फैसला

· 1 min read
नक्सलियों  का शांति वार्ता का बड़ा फैसला

नक्सलियों का शांति वार्ता का बड़ा फैसला

माओवादी संगठन CPI (माओवादी) ने सरकार के साथ शांति वार्ता शुरू करने और हथियार डालने की इच्छा जताई है। संगठन ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि वे फिलहाल अस्थायी तौर पर हथियारबंद संघर्ष को रोकने और वार्ता के लिए तैयार हैं।

पिछले संघर्ष और वार्ता की पहल

संगठन ने बताया कि 2024 से जारी अभियानों में पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ कई मुठभेड़ें हुईं, जिनमें दोनों पक्षों का नुकसान हुआ। इसी को ध्यान में रखते हुए नक्सलियों ने एक महीने की वार्ता प्रक्रिया शुरू करने की पेशकश की है। इसके साथ ही, उन्होंने जेल में बंद माओवादी नेताओं को भी वार्ता में शामिल करने की अनुमति देने की मांग की है।

प्रेस नोट और प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रेस नोट 15 अगस्त 2025 को जारी किया गया था और अब यह वायरल हो रहा है। इसमें कहा गया कि सरकार को वार्ता के दौरान संगठन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाना चाहिए। बस्तर IG सुंदरराज पी ने बताया कि इस पर्चे की जांच की जा रही है और पुष्टि के बाद ही प्रतिक्रिया दी जाएगी।

सरकार की रणनीति और भविष्य की दिशा

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहले ही मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की समयसीमा तय कर दी थी। इसके बाद बस्तर क्षेत्र में ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं और कई बड़े नक्सली लीडर्स मारे गए हैं।

इस घोषणा से उम्मीद की जा रही है कि नक्सलवाद की समस्या के समाधान की ओर देश एक बड़ा कदम उठा सकता है। अब यह देखना होगा कि सरकार इस पहल का कैसे जवाब देती है।