फ्रांस में हिंसा: मैक्रों ने सख्त कार्रवाई का वादा, कर्फ्यू की तैयारी

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फ्रांस में हिंसा: मैक्रों ने सख्त कार्रवाई का वादा, कर्फ्यू की तैयारी

फ्रांस में हिंसा और लूटपाट: सरकार ने कर्फ्यू और आपातकाल के संकेत दिए

फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुई हिंसा और लूटपाट के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार रात अपने संबोधन में सख्त कार्रवाई का वादा किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट की है, उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी।

प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को सरकार की आपात बैठक बुलाई। बैठक के बाद उन्होंने सोमवार शाम से कुछ इलाकों में आंशिक कर्फ्यू लगाने की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो देश में आपातकाल भी लगाया जा सकता है।

सरकार ने विफलता स्वीकार की

फ्रांस सरकार ने सोमवार को माना कि वह सप्ताहांत पर हुई हिंसा को रोकने में नाकाम रही। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने सरकारी रेडियो पर स्वीकार किया कि शनिवार रात हुए दंगों के बड़े पैमाने से निपटने के लिए पुलिस की तैयारी पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों को इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन राष्ट्रपति ने इसे स्वीकार नहीं किया। न्याय मंत्री जेराल्ड दारमानिन ने भी माना कि हिंसा के सामने प्रशासन स्पष्ट रूप से विफल रहा। उन्होंने फ्रांसीसी टीवी पर कहा कि खुफिया तंत्र भी हिंसा का पहले से सही अंदाजा लगाने में विफल रहा।

महंगाई और सरकारी सुविधाओं में कमी के विरोध में शनिवार को आठ लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे, लेकिन बाद में काले कपड़े पहने और चेहरे ढके कुछ लोगों ने तोड़फोड़ और लूटपाट शुरू कर दी। अनुमान है कि लगभग 1,500 दुकानों और कारोबारों में लूटपाट की गई या उन्हें नुकसान पहुंचाया गया। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और पानी की बौछारें कीं। गृह मंत्रालय के अनुसार, शनिवार को लगभग 1,000 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें सात की हालत गंभीर थी। गृह

Sachin Saxena