राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर आंदोलन जारी रखने का संकल्प
बैठक और वक्तव्य
राहुल गांधी के घर पर चाय पर बैठक में INDIA ब्लॉक के नेता, सुप्रिया सुले, डी. राजा, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस सांसद के. सुरेश आदि ने भाग लिया। बैठक लगभग दो घंटे चली और सभी नेता बाहर आकर मीडिया को संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा हमारा मिशन है और आंदोलन समय चाहे जितना भी लगे, जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल करने के लिए अंत तक संघर्ष करेगा।
अन्य नेताओं के बयानों और कार्रवाई
CPI(M) नेता एमए बेबी ने कहा कि भाजपा वोट, विरोध प्रदर्शन की जगह और लोकतंत्र को छीन रही है। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि यदि BJP लोकतंत्र की नींव पर हमला करती है तो वह विरोध को छीन लेगी। TMC सांसद सागरिका घोष ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाला चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को खत्म कर रहा है। प्रशांत भूषण ने बताया कि 2 अक्टूबर से दिल्ली में SIR के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ और सरकार ने उसे कुचल दिया, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस चलाई गई। तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्ष एकजुट है और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई जारी रखेगा।
राहुल गांधी के आवास पर चाय पर बैठक में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, और अन्य नेता जैसे RJD के तेजस्वी यादव, मनोज झा, JMM की महुआ माजी, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, आनंद भदौरिया, मोहिबुल्लाह नदवी, CPI(M) के एमए बेबी, CPI के डी. राजा, पी. संतोश कुमार, CPI-ML के दीपांकर भट्टाचार्य और TMC सांसद महुआ मोइत्रा भी पहुंचे।
दिल्ली पुलिस ने SIR और ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन के लिए चार FIR दर्ज की हैं, जो कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, बाराखंभा और मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशनों में दर्ज की गई हैं। इन FIR में राहुल और प्रियंका के नाम भी शामिल हैं।
साथ ही, 12 अक्टूबर, 9 अक्टूबर, 8 अक्टूबर, 7 अक्टूबर, 6 अक्टूबर, 1 अक्टूबर के दिनों में दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ता SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, जहाँ कई कार्यकर्ता कनॉट प्लेस के पास झंडे लेकर पहुँचे और पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
साथ ही, SIR पर 14 बार आपत्ति के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई।
Arvind Vishwakarma