संघ की जोधपुर समन्वय बैठक से पहले ' राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल संतोष' भोपाल में संघ ,सरकार और संगठन का फीडबैक लेंगे! (राकेश अग्निहोत्री)

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संघ की जोधपुर समन्वय बैठक से पहले ' राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल संतोष'  भोपाल में संघ ,सरकार और संगठन का फीडबैक लेंगे!   (राकेश अग्निहोत्री)

संघ की जोधपुर राष्ट्रीय समन्वय बैठक से पहले भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शाम को भोपाल आ रहे हैं.. इस दौरान दौरे पर निकल चुके मुख्यमंत्री , और प्रदेश अध्यक्ष संगठन महामंत्री के साथ अलग से बैठक रात में संभावित है, जिन्होंने उनसे मिलने का समय लिया जो मिलना चाहते हैं वो भाजपा कार्यालय में उनसे मुलाकात कर सकते हैं.. निगम मंडल और राजनीतिक नियुक्तियां की प्रतीक्षा कर रहे दावेदार हो या फिर सत्ता और संगठन में अपनी नई भूमिका तलाश रहे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी इंतजार है कि संतोष उन्हें समय जरूर देंगे.. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री का भोपाल में रात्रि विश्राम इस बात का संकेत है कि यह दौरा उनका बहुत महत्वपूर्ण है.. संघ उसके संगठन खासतौर से किसान संघ और स्वदेशी जागरण मंच के कुछ वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता..संघ की महत्वपूर्ण बैठक 5/6/7 सितंबर को राजस्थान में होना है.. जोधपुर में संघ की राष्ट्रीय समन्वय बैठक से पहले मध्य प्रदेश भाजपा का संघ से संघ का अपने वैचारिक संगठनों से तालमेल इस वक्त राष्ट्रीय नेतृत्व की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है.. कई मंत्रियों के विवादों में आ जाने और कई वरिष्ठ पूर्व मंत्रियों के बीच बढ़ता विवाद ही नहीं कई विधायक और अफसर के बीच बढ़ते तनाव ने संगठन और सरकार को नए सिरे से तालमेल बनाने को मजबूर किया है..मध्य प्रदेश के प्रभारी राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश भी क्या बीएल संतोष के साथ उनके भोपाल दौरे के दौरान रहेंगे इसकी पुष्टि नहीं हुई है.. उनकी गैर मौजूदगी का भी अपना महत्व है, जब नए अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम का इंतजार है तब राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संतोष मुख्यमंत्री,प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री के अलावा इस दौरान भाजपा और संघ के पदाधिकारी से मुलाकात कर सकते हैं.. क्षेत्र प्रचारक ,प्रांत प्रचारक के अलावा संघ के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी भी भोपाल आ सकतेहैं.. दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व और संघ के बीच समन्वय की लाइन को अब सीधे हस्तक्षेप से मध्य प्रदेश में नए सिरे से आगे बढ़ाया जा सकता है.. बैठक का महत्व इसलिए और बढ़ जाता है क्योंकि सरसंचालक डॉक्टर मोहन भागवत दिल्ली से बड़ा संदेश शताब्दी वर्ष में दे चुके हैं.. संघ भाजपा की इंटरनल फेसलों में हस्तक्षेप नहीं करता लेकिन सुझाव जरूर देता है..ऐसे में जोधपुर समन्वय बैठक से पहले मध्य प्रदेश सरकार और संगठन का फीडबैक खुद यदि राष्ट्रीय संगठन महामंत्री भोपाल आकर लेते हैं.. और बैठक का कोई क्राइटेरिया अधिकृत तौर पर घोषित नहीं किया गया है..पर इसे छोटी टोली की बैठक माना जा रहा..मध्य प्रदेश से जुड़े संघ के पदाधिकारी नेता भी दिल्ली से लौट चुके हैं..तो संगठन के सामने चुनौती उसकी प्राथमिकताओं के साथ सरकार के साथ तालमेल और भविष्य के रोड में को लेकर चिंतन मंथन आगे बढ़ सकता है..मोहन सरकार जरूरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले निगम मंडल और राजनीतिक नियुक्तियां पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर अभी तक नहीं पहुंचा जा सका है..मोहन सरकार के कई मंत्री विवादों के घेरे में है..विपक्षी कांग्रेस ही नहीं बीजेपी के अंदर से भी मंत्री विजय शाह के अलावा कई मंत्रियों के कामकाज पर सवाल खड़े होते रहे हैं..तो हेमंत खंडेलवाल के अध्यक्ष बनने के बाद अभी जिला स्तर पर संगठन का गठन बाकी है..पार्टी द्वारा संगठन के फार्म से कई मंत्री और विधायकों को समझाइए से आगे नसीहत समय-समय पर दी जा चुकी है.. जिला स्तर से राजधानी तक कई मंत्री विधायकों की अवसर शाही से पटरी नहीं बैठने की खबरें भी जोर पकड़ती रही..मध्य प्रदेश संघ में भी समन्वय को लेकर चर्चा गाहे बगाहे होती रही है..बताया जाता है पार्टी नेतृत्व की नई व्यवस्था के तहत राज्यों का फीडबैक लेने के लिए पदाधिकारी और प्रभारी के अलावा कोई बड़ा नेता किसी भी राज्य में भेजा जा सकता है..शिवप्रकाश और अजय जामवाल से वरिष्ठ बीएल संतोष का भोपाल दौरा जयपुर समन्वय बैठक से पहले महत्वपूर्ण हो गया है..ऐसे में मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन ,भाजपा और संघ और विभिन्न धड़ों में बटे नेताओं के बीच समन्वय को बेहतर बनाने पर चिंतन मंथन लाजमी है..वह बात और है कि मोहन सरकार ने संघ के एजेंडे को अपनी प्राथमिकता में रखकर दिशा तय कर एजेंडा पहले ही चेक कर दिया है..संघ के शीर्ष राष्ट्रीय पदाधिकारी भी समय-समय पर भोपाल आ कर मार्गदर्शन देते रहते हैं..मध्य प्रदेश में चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन को 1 साल का एक्सटेंशन मिलने के बाद राजनीतिक परिदृष्टि भी बदल रहा है.. पिछले दिनों अमित शाह के सामने मप्र के जिम्मेदार अधिकारियों का उज्जैन सिंहस्थ में जमीन अधिग्रहण को लेकर दिए गए प्रेजेंटेशन के बाद यह भी माना जा रहा कि संघ की नजर भी इस मामले पर है..इसलिए इस पर भी संतोष चर्चा कर सकते हैं..दरअसल बीते दिनों भूमि अधिग्रहण को लेकर जो बड़ी बैठक दिल्ली में केंद्रीय मंत्री