ट्रम्प बोले- यूक्रेन चुने नया राष्ट्रपति, पुतिन शांति समझौते के पक्ष में

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ट्रम्प बोले- यूक्रेन चुने नया राष्ट्रपति, पुतिन शांति समझौते के पक्ष में

ट्रम्प ने यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनने की बात कही, पुतिन को शांति का इच्छुक बताया

ट्रम्प के बयान और जेलेंस्की का विरोध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शांति समझौता करना चाहते हैं, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की बातचीत के मौके गंवा रहे हैं। ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका अब रूस से डीजल खरीदेगा। जेलेंस्की ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने के लिए और पैसा मिलेगा। ट्रम्प ने यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों की आलोचना की और कहा कि इन हमलों से दुनिया में ईंधन की समस्या बढ़ सकती है। यूक्रेन रूस की तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना रहा है, जिससे रूस की तेल से होने वाली कमाई और उसकी सेना तक ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था, तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है।

जेलेंस्की ने रविवार को एक्स पर लिखा कि यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने के लिए तैयार है, बशर्ते रूस यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले बंद करे। उन्होंने कहा कि ऊर्जा ठिकानों पर हमले आज से ही रोके जा सकते हैं, लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऐसा नहीं चाहते। जेलेंस्की के मुताबिक, तनाव कम करने के लिए दोनों देशों को एक-दूसरे के खिलाफ हमले रोकने होंगे और इसके लिए ठोस गारंटी भी जरूरी है। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा ने भी ट्रम्प के बयान का विरोध किया। उन्होंने शनिवार देर रात एक्स पर लिखा कि जेलेंस्की को यूक्रेन के लोगों का समर्थन हासिल है और अपने नेता को चुनने का अधिकार भी उन्हीं के पास है।

अमेरिका ने रूसी डीजल पर पाबंदी हटाई और बातचीत के घटनाक्रम

ईरान-अमेरिका और इजराइल के युद्ध के कारण इस साल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसी बीच अमेरिका ने रूसी डीजल के निर्यात पर लगी पाबंदियां अगले साल अप्रैल तक हटा दी हैं। इस फैसले से रूस के लिए अमेरिका और दूसरे देशों को डीजल बेचने का रास्ता खुल गया है। जेलेंस्की ने इस फैसले को कमजोर कदम बताया। उनका कहना है कि रूस को तेल और डीजल बेचने की छूट मिलने से उसकी कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने में कर सकेगा। अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच 9 अक्टूबर को मियामी में युद्ध रोकने को लेकर करीब 6 घंटे बातचीत हुई थी, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बैठक में ट्रम्प के दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे। जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन की टीम बातचीत के लिए गई थी, लेकिन इसके बाद रूस को राहत देने वाला फैसला कर लिया गया। यूक्रेन का मानना है कि रूस पर दबाव बनाए बिना युद्ध खत्म करना मुश्किल है।

सितंबर के आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान अमेरिका ने रूस से युद्ध रोकने का समझौता कराने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की थी। इसके बदले रूस को आर्थिक राहत देने के विकल्प रखे गए थे। इनका मकसद ऊर्जा से जुड़ी जगहों और समुद्र में हमले रुकवाना था। प्रस्तावों में पश्चिमी देशों में जब्त रूस की सरकारी संपत्ति का कुछ हिस्सा लौटाना, रूसी कंपनी लुकोइल की कुछ संपत्तियां मध्य-पूर्व के निवेशकों को बेचने की इजाजत देना और बेलारूस को पोटाश (खाद बनाने में इस्तेमाल होता है) बेचने की छूट देना शामिल था। यूक्रेन इन प्रस्तावों के पूरी तरह खिलाफ नहीं था। लेकिन उसने कहा कि अगर रूस युद्ध रोकने का समझौता तोड़ता है, तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। यूक्रेन ने यह सुझाव भी दिया कि रूस की जब्त संपत्ति से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल यूक्रेन की मदद के लिए किया जाए।

दोनों पक्षों ने हमले तेज किए

यूक्रेन ने रविवार को रूस के व्लादिमीर शहर में ड्रोन हमला किया, जिससे टेक कंपनी यांडेक्स का डेटा सेंटर बंद हो गया। चार दिन में कंपनी के ठिकानों पर यह तीसरा हमला था। इससे रूस के कई शहरों के अलावा कजाखस्तान, बेलारूस और आर्मेनिया में टैक्सी बुकिंग और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। वहीं, यूक्रेन के जापोरिज्जिया शहर में रूसी हमले में 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं। 30 से ज्यादा लोग घायल हुए। दूसरी ओर, रूस के ब्रियांस्क इलाके में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और दो महिलाएं घायल हो गईं।

Navjeet Kaur