UPTET परीक्षा के लिए सेवारत शिक्षकों को मिलेगा अवकाश, योगी सरकार का शासनादेश जारी
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत लगभग 1.86 लाख शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। आगामी 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली 'उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा' (U.P.T.ET)-2026 में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को सरकार ने विशेष अवकाश देने का आधिकारिक शासनादेश जारी किया है। यह निर्णय उन शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के 'अनिवार्य टेट' के निर्देश के बाद यह परीक्षा देनी पड़ रही है।
परीक्षा का स्वरूप और अभ्यर्थियों की संख्या
यह परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों के 955 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 19,94,661 अभ्यर्थी भाग लेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के 17,67,180 अभ्यर्थी और अन्य राज्यों के 2,27,481 अभ्यर्थी शामिल होंगे। कुल परीक्षार्थियों में 1,85,791 सेवारत शिक्षक और 18,08,870 नए अभ्यर्थी होंगे।
पुराने शिक्षकों के लिए TET का महत्व
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, उत्तर प्रदेश के लगभग 1.86 लाख सेवारत शिक्षक, जो अभी तक TET पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा (31 अगस्त 2027) तक यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इनमें कई शिक्षक ऐसे भी हैं जो अगले पांच से छह साल में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और 25 से 30 वर्षों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं। TET पास न करने पर उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है, और उनका प्रमोशन भी लंबे समय से रुका हुआ है।
अवकाश की मांग और आभार
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सेवारत शिक्षकों के लिए अवकाश की मांग की थी। सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किए जाने पर संघ और प्रदेश के लाखों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।
Ravi Yadav