विजय शाह पर अभियोजन स्वीकृति में कैबिनेट का अटकल
कैबिनेट में रुकी अभियोजन स्वीकृति
विजय शाह पर अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव मंगलवार को कैबिनेट बैठक में रुक गई। अब सरकार 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले या उस दौरान एफिडेविट के जरिए अपना पक्ष रख सकती है।
मामले की विस्तृत पृष्ठभूमि
विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला करीब एक साल से लंबित है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था।
विवादित बयान का मामला
विजय शाह ने 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में आयोजित हलमा कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसके बाद देशभर में विवाद खड़ा हुआ था।
सरकार के विकल्प
यदि सरकार अभियोजन की स्वीकृति देती है तो इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट को एफिडेविट के जरिए दी जा सकती है। अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने पर भी मामला खत्म नहीं होगा।
अन्य कैबिनेट फैसले
सिवनी-बालाघाट फोरलेन के निर्माण के लिए 91.6 किलोमीटर लंबा मार्ग पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन करने का निर्णय लिया गया। 12 नई सड़कों का निर्माण होगा। आपसी सहमति से जमीन खरीदने पर चार गुना भुगतान किया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
आर्थिक अपराधों की जांच को नए आपराधिक कानून के अनुरूप करने का निर्णय लिया गया। रोजगार से बाहर युवाओं की पहचान कर उन्हें कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई जाएगी।
Arvind Vishwakarma