20 दिसंबर से भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन, प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली जुड़ेंगे
भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल रन अब तय समय से एक दिन पहले, 20 दिसंबर से शुरू होगा। सुभाषनगर से एम्स तक 6.22 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर मेट्रो परिचालन की औपचारिक शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से शामिल होंगे और मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे।
मिंटो हॉल में मुख्य कार्यक्रम, नेताओं का मेट्रो सफर
संभावित कार्यक्रम के अनुसार 20 दिसंबर को शाम 4 बजे कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन रहेगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राज्य के कई मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मेट्रो में यात्रा करेंगे। सुभाषनगर स्टेशन से शाम 5 बजे मेट्रो एम्स स्टेशन के लिए रवाना होगी।
स्टेशनों पर सुरक्षा और सजावट की तैयारियां
सुभाषनगर और एम्स स्टेशन को विशेष रूप से सजाने का कार्य जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर मेट्रो कॉरपोरेशन ने अपनी सुरक्षा टीम तैनात कर दी है और फिलहाल बाहरी लोगों को स्टेशनों के अंदर प्रवेश नहीं दिया जा रहा। सुभाषनगर-एम्स के अलावा केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस और अलकापुरी सहित अन्य स्टेशनों पर भी सुरक्षा घेरा कड़ा किया गया है। मेट्रो के अंदरूनी काम लगभग पूरे हो चुके हैं, जबकि बाहरी काम अगले दो-तीन महीने तक चलेगा। अधिकारियों के अनुसार इससे कमर्शियल रन प्रभावित नहीं होगा।
एम्स स्टेशन पर मीडिया से चर्चा, रोडमैप होगा स्पष्ट
योजना के मुताबिक केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एम्स स्टेशन पर मीडिया से बातचीत करेंगे। वे मेट्रो से संबंधित प्रमुख जानकारियां साझा करेंगे और आगे के रोडमैप पर भी प्रकाश डालेंगे।
तीन मेट्रो की योजना, किराया और शेड्यूल पर अंतिम फैसला बाकी
प्रायोरिटी कॉरिडोर पर फिलहाल तीन मेट्रो ट्रेनें चलाने की योजना है। शेड्यूल और किराया सूची पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है, हालांकि अधिकारियों के अनुसार सोमवार तक सूची जारी हो सकती है। एमपी नगर स्टेशन पर अस्थायी किराया सूची चस्पा की गई है, लेकिन मेट्रो कॉरपोरेशन ने आधिकारिक तौर पर किराए की घोषणा नहीं की। इंदौर मेट्रो की तरह ही किराया मॉडल अपनाने की बात कही जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार शुरुआती सात दिनों तक यात्रियों को मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा सकती है। इसके बाद तीन महीने तक टिकट पर क्रमशः 75%, 50% और 25% तक की छूट प्रस्तावित है। छूट की अवधि समाप्त होने पर न्यूनतम किराया लगभग 20 रुपए और अधिकतम 80 रुपए होने की संभावना बताई जा रही है। इंदौर मेट्रो में भी इसी तरह का मॉडल लागू है।
CMRS से मंजूरी, ट्रायल रन में 80 किमी प्रति घंटा तक रफ्तार
दिसंबर की शुरुआत में कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ने भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को अनुमोदन दे दिया था। टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी और 13 से 15 नवंबर तक डिपो, ट्रैक और ट्रेन का विस्तृत निरीक्षण किया। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के नेतृत्व में नट-बोल्ट तक की जांच की गई और बाद में टीम ने अपनी एनओसी जारी की।
सुभाषनगर से एम्स तक ट्रायल रन के दौरान मेट्रो की न्यूनतम गति 30 किलोमीटर प्रति घंटा और अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से भी ट्रेन चलाकर परीक्षण किया गया है।
ऑनलाइन नहीं, फिलहाल मैनुअल टिकट सिस्टम
भोपाल मेट्रो में शुरुआत में टिकट व्यवस्था मैनुअल रहेगी, यानी यात्रियों को ट्रेन की तरह मैनुअल टिकट लेना होगा। इंदौर मेट्रो में भी वर्तमान में यही व्यवस्था लागू है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी ‘असिस गार्ड’ का टेंडर रद्द कर दिया गया है और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। इस कारण कुछ समय तक मैनुअल टिकट सिस्टम जारी रहेगा।
असिस गार्ड का मामला लगभग चार महीने से चर्चा में था और अगस्त में इसका टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के चयन की पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का समय लग सकता है।
पार्किंग नहीं, केवल पिक एंड ड्रॉप सुविधा
ऑरेंज लाइन के आठ स्टेशनों में से किसी भी स्टेशन पर फिलहाल पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के लिए केवल पिक एंड ड्रॉप की सुविधा होगी, यानी वे वाहन से उतर या सवार तो हो पाएंगे, लेकिन अपनी निजी गाड़ियां स्टेशन पर खड़ी नहीं कर सकेंगे। सूत्रों के अनुसार मेट्रो कॉरपोरेशन स्टेशन के नीचे आउटलेट्स बनाने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके कारण पार्किंग की जगह उपलब्ध नहीं होगी। अधिकारियों का कहना है कि पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए विकल्पों पर काम चल रहा है।
2018 से चल रहा निर्माण, पहला ट्रायल 2023 में
भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। इसमें से एम्स से सुभाषनगर के बीच 6.22 किलोमीटर के हिस्से को प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका काम 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन तक का काम पूरा हो चुका है, जबकि अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशनों के कुछ कार्य अभी जारी हैं। रेलवे ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज भी बनाए गए हैं।
भोपाल में मेट्रो का पहला ट्रायल रन 3 अक्टूबर 2023 को किया गया था, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा की थी। अब दिसंबर 2024 में इस प्रायोरिटी कॉरिडोर पर नियमित कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है।
Faraz Khan