अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के घर पर हमला, खिड़कियां टूटीं
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ओहियो राज्य के सिनसिनाटी स्थित घर पर हमला हुआ है। समाचार चैनल सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस घटना में उनके घर की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस ने मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। रविवार देर रात करीब 12:15 बजे वेंस के घर के पास एक व्यक्ति को भागते हुए देखा गया था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं।
घटना के समय वेंस और परिवार घर पर मौजूद नहीं थे
अधिकारियों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई उस समय जेडी वेंस और उनका परिवार घर पर मौजूद नहीं थे। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति उपराष्ट्रपति के घर के अंदर प्रवेश करने में सफल नहीं हो पाया। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह हमला जेडी वेंस या उनके परिवार को निशाना बनाकर किया गया, या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
मामले को लेकर मीडिया ने व्हाइट हाउस और सीक्रेट सर्विस से आधिकारिक जानकारी मांगी है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से बयान जारी नहीं किया गया है। जानकारी के मुताबिक वेंस पिछले करीब एक सप्ताह से सिनसिनाटी में थे, लेकिन रविवार दोपहर शहर से रवाना हो गए थे। उन्होंने इस घर पर लगभग 14 लाख डॉलर खर्च किए हैं और यह संपत्ति करीब 2.3 एकड़ में फैली हुई है।
जेडी वेंस का पारिवारिक पृष्ठभूमि और बचपन
व्हाइट हाउस की वेबसाइट के अनुसार, जेडी वेंस अपने परिवार के साथ ओहियो के सिनसिनाटी शहर में रहते हैं। उनका जन्म 2 अगस्त 1984 को ओहियो राज्य में स्कॉट-आयरिश परिवार में हुआ। जेडी अपनी मां बेवर्ली एकिंस के दूसरे पति डोनाल्ड बोमन की संतान हैं। जेडी के जन्म के समय उनके माता-पिता आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनका बचपन गरीबी में बीता।
जेडी के कुछ ही महीनों की उम्र में उनके माता-पिता का तलाक हो गया। दो साल बाद उनकी मां बेवर्ली ने बॉब हैमेल से शादी कर ली। इस बीच पैसों की तंगी के चलते बेवर्ली को ड्रग्स और शराब की लत लग गई। इन परिस्थितियों में जेडी ने अपना अधिकतर बचपन नाना जेम्स वेंस और नानी बोनी वेंस के साथ बिताया। अपने बचपन पर आधारित किताब ‘हिलबिली एलेजी: ए मेमोयर ऑफ ए फैमिली एंड कल्चर इन क्राइसिस’ में जेडी ने लिखा है कि उन्हें मां के साथ बार-बार मकान बदलना पसंद नहीं था और नाना-नानी के घर में रहना ही अच्छा लगता था।
येल लॉ स्कूल में उषा चिलकुरी से मुलाकात, हिंदू रीति से शादी
कानून की पढ़ाई के लिए जेडी वेंस येल लॉ स्कूल पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात उषा चिलकुरी नाम की छात्रा से हुई। ‘हिलबिली एलेजी’ में जेडी लिखते हैं कि उन्हें उषा से पहली नजर में प्यार हो गया था और पहली डेट के बाद ही उन्होंने अपने प्यार का इजहार कर दिया था। वर्ष 2010 में दोनों अच्छे दोस्त बने और 2014 में उन्होंने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की।
उषा भारतीय मूल की हिंदू हैं। उनके पिता ने आईआईटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, जबकि उनकी मां बायोलॉजिस्ट हैं। एक टीवी शो में उषा ने बताया था कि वे शाकाहारी हैं, जबकि जेडी को मांसाहारी भोजन पसंद था। इसके बावजूद जेडी ने उनके लिए शाकाहारी जीवनशैली अपनाई और उषा की मां से शाकाहारी खाना बनाना भी सीखा। जेडी की राजनीतिक यात्रा में भी उषा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वे उनके भाषणों तथा डिबेट की तैयारी में मदद करती हैं।
उषा से शादी के बाद जेडी ने अपना नाम बदलकर नाना-नानी के सम्मान में जेम्स डेविड हैमेल से जेम्स डेविड वेंस रख लिया। दोनों के तीन बच्चे हैं— सात वर्ष के इवान और चार वर्ष के विवेक उनके बेटे हैं, जबकि तीन वर्ष की मिराबेल उनकी बेटी हैं।
ट्रम्प के विरोधी से समर्थक बनने तक का सफर
जेडी वेंस कभी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कड़े आलोचक रहे हैं। वर्ष 2016 में जब ट्रम्प पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे, तब रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े होने के बावजूद जेडी मानते थे कि ट्रम्प इस पद के योग्य नहीं हैं। वे सार्वजनिक रूप से ट्रम्प को ‘इडियट’, ‘कल्चरल हेरोइन’ और ‘कलंक’ जैसे शब्दों से संबोधित कर चुके हैं।
इसी वर्ष 2016 में उन्होंने येल लॉ स्कूल के एक दोस्त को फेसबुक पर निजी संदेश में ट्रम्प की तुलना हिटलर से की थी। उस संदेश में उन्होंने लिखा था कि वे लगातार सोचते रहते हैं कि ट्रम्प निक्सन की तरह एक सनकी बदमाश हैं जो शायद उतने बुरे नहीं होंगे, या फिर वह अमेरिका के हिटलर हैं। यह संदेश वर्ष 2022 में सामने आया, तब तक जेडी वेंस ट्रम्प के समर्थक बन चुके थे।
15 जुलाई 2024 को डोनाल्ड ट्रम्प ने जेडी वेंस को अपने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुना। 5 नवंबर 2024 को चुनाव परिणाम आने के बाद ट्रम्प अमेरिका के राष्ट्रपति बने और जेडी वेंस उपराष्ट्रपति के पद पर पहुंच गए।
विदेशी कर्मचारियों और H-1B वीजा पर विवादित बयान
हाल के दिनों में जेडी वेंस अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने विदेशी कर्मचारियों को सस्ता नौकर बताते हुए कहा कि अमेरिका को उनकी जरूरत नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, H-1B वीजा को समाप्त करने की तैयारी को लेकर उनके बयान से बहस और तेज हो गई है।
सिनसिनाटी स्थित घर पर हुए हमले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां सभी पहलुओं को खंगाल रही हैं। हमले के मकसद पर आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
Sachin Saxena