सीएम मोहन यादव ने असम में कामाख्या देवी के किए दर्शन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम के गुवाहाटी में कामाख्या देवी मंदिर में अपनी पत्नी के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए रोड शो और व्यापारिक बैठकों की योजना बना रहे हैं।
कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन और काजीरंगा उद्यान जाने का प्लान
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वह मां कामाख्या के दर्शन करने आए थे। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में हाथियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए उनके बेहतर प्रबंधन के लिए और वन्य पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वह काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का भी दौरा करेंगे।
मध्यप्रदेश और असम के बीच व्यापारिक संबंध बढ़ाने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह असम के व्यापारियों और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। इस चर्चा का उद्देश्य मध्यप्रदेश और असम के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों राज्यों के संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम किया जाएगा।
भूटान के प्रतिनिधियों से मुलाकात
डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि गुवाहाटी में वह पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों और भूटान के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इस दौरान रॉयल भूटान काउंसलेट के काउंसिल जनरल जिग्मे थिनायल नामग्याल भी एक सेशन को संबोधित करेंगे।
मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों की प्रस्तुति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह मध्यप्रदेश में निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए सबसे अनुकूल बनाती है।
पूर्वोत्तर के निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश आदर्श स्थल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश, पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण प्रदान करता है।
डॉ. यादव ने उम्मीद जताई कि इस पहल से मध्यप्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच व्यापारिक और औद्योगिक संबंध मजबूत होंगे और दोनों राज्यों के विकास को नई दिशा मिलेगी।