बालाघाट पुलिस मालखाने से 55 लाख नकद और गहने गायब
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली थाने के मालखाने से 55 लाख रुपए नकद और 10 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने गायब हो गए हैं। इस मामले में मालखाना इंचार्ज प्रधान आरक्षक राजीव पंद्रे पर आरोप लगे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि वह इन पैसों को जुए में हार चुका है। घटना का खुलासा तब हुआ जब फरियादी थाने में अपने पैसे लेने पहुंचा।
मामले की जांच और कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। बालाघाट आईजी संजय कुमार ने पुष्टि की है कि आरोपी राजीव पंद्रे से 40 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, राजवंश ज्वेलर्स की दुकान पर दबिश देकर करीब 140 ग्राम सोने के जेवर भी बरामद किए गए हैं। मामले की जांच महिला सेल डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर को सौंपी गई है।
जुए की लत ने बढ़ाई मुश्किलें
पुलिस की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि प्रधान आरक्षक राजीव पंद्रे जुए का शौकीन है। वह अक्सर महाराष्ट्र के गोंदिया और पड़ोसी जिले सिवनी जुआ खेलने जाया करता था। वह पिछले दो साल से मालखाना प्रभारी था, जहां कई केसों में जब्त की गई नकदी और आभूषण जमा थे।
सुसाइड की कोशिश
महिला फरियादी ने कोर्ट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद थाने में अपने पैसे लेने के लिए संपर्क किया। जब टीआई ने मालखाना इंचार्ज से पैसे लाने को कहा, तो उसने मालखाने का गेट भीतर से बंद कर लिया और पंखे से लटकने की कोशिश की। हालांकि, उसे समय पर बचा लिया गया।
पुलिस की जांच जारी
जांच में यह भी पता चला है कि राजीव पंद्रे पहले भी मालखाने की राशि का इस्तेमाल निजी फायदे के लिए करता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। हालांकि, एसपी आदित्य मिश्रा और टीआई विजय राजपूत ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है।
निष्कर्ष
यह घटना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मालखाने में जमा राशि और सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इस मामले की गहन जांच कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।