बांग्लादेश में उथल-पुथल उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा, मीडिया ऑफिस फूंके

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बांग्लादेश में उथल-पुथल उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा, मीडिया ऑफिस फूंके

बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़की

बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी नेता और इंकलाब मंच के प्रमुख चेहरों में से एक शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार रात मौत हो गई। उन्हें 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में दिनदहाड़े गोली मारी गई थी, जिसके बाद से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। हादी जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन से उभरे एक प्रभावशाली युवा नेता थे और आगामी 13वें संसदीय चुनाव में ढाका-8 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।

गोलीकांड की घटना और जांच

पुलिस के मुताबिक, हादी को दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर बिजयनगर इलाके में रिक्शे पर जाते हुए देखा गया। सीसीटीवी फुटेज में एक मोटरसाइकिल को पीछे से रिक्शे के पास आते, दाईं ओर रुकते और पीछे बैठे हमलावर को नजदीक से गोली चलाते हुए देखा गया। हमलावरों ने हेलमेट पहन रखे थे और घटना कुछ ही सेकंड में अंजाम देकर वे मौके से फरार हो गए। इंकलाब मंच के कार्यकर्ता मोहम्मद रफी, जो पीछे एक अन्य रिक्शे पर थे, ने बताया कि जुमे की नमाज के बाद वे लोग दोपहर के भोजन के लिए हाईकोर्ट इलाके की ओर जा रहे थे, तभी हमला हुआ।

बांग्लादेशी पुलिस ने हमले की जांच शुरू कर दी है और दो मुख्य संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं। सूचना देने वालों के लिए पांच मिलियन टका (लगभग 37 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था एजेंसियां पेशेवर तरीके से जांच कर रही हैं और आरोपियों को पकड़ने के प्रयास तेज हैं।

देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शन

हादी की मौत की खबर के बाद देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के दो बड़े अखबारों, द डेली स्टार और प्रोथोम आलो के दफ्तरों में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। रिपोर्टों के अनुसार, डेली स्टार के ऑफिस में आग लगने के बाद करीब 25 पत्रकार भीतर फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हिंसा का असर भारतीय मिशन पर भी दिखा। गुरुवार देर रात प्रदर्शनकारियों ने चिटगांव के खुलशी इलाके में भारतीय सहायक उच्चायोग के बाहर ईंट-पत्थर फेंके, नारेबाजी की और धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने हादी की हत्या के विरोध के साथ-साथ अवामी लीग और भारत विरोधी नारे भी लगाए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पत्थरबाजी करते हुए आसपास की गलियों में भाग गए और पुलिस ने देर रात करीब 2 बजे इलाके पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया।

अंतरिम सरकार और भारतीय पक्ष की प्रतिक्रिया

बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने हादी की मौत पर देश को संबोधित किया और इसे देश के राजनीतिक और लोकतांत्रिक जीवन के लिए बड़ी क्षति बताया। अंतरिम प्रशासन ने हादी के सम्मान में शनिवार को राजकीय शोक दिवस घोषित किया है। रॉयटर्स के अनुसार, देशभर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाएंगी। यूनुस ने घोषणा की कि अंतरिम सरकार शहीद बताए गए उस्मान हादी की पत्नी और उनके इकलौते बच्चे की जिम्मेदारी लेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि हत्या के सभी आरोपियों को जल्द अदालत में लाया जाएगा और किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।

मुहम्मद यूनुस ने इस गोलीबारी को चुनाव से पहले हिंसा भड़काने की साजिश करार दिया और लोगों से शांति व संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था एजेंसियां मामले की पूरी गंभीरता से जांच कर रही हैं।

दूसरी ओर, बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने शुक्रवार सुबह एक नोटिस जारी कर वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की। हादी के खिलाफ हमले से कुछ घंटे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भारत विरोधी पोस्ट और तथाकथित ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का एक नक्शा साझा किया था, जिसमें भारत के उत्तर-पूर्व के सात राज्यों को शामिल दिखाया गया था। इससे पहले भारतीय सरकार ने ढाका में भारतीय उच्चायोग को मिली धमकी को लेकर बांग्लादेश के हाई कमिश्नर को तलब कर आपत्ति दर्ज कराई थी।

उस्मान हादी का राजनीतिक सफर और इंकलाब मंच की भूमिका

शरीफ उस्मान हादी एक प्रमुख राजनीतिक कार्यकर्ता, लेखक और दक्षिणपंथी इस्लामी संगठन इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। वे जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन के बाद एक प्रभावशाली युवा नेता के रूप में उभरे, जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार को सत्ता से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हादी ने बांग्लादेश के सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर कई किताबें लिखीं, जिनमें देश की सांस्कृतिक चुनौतियों पर फोकस रहा।

दिसंबर 2024 में हादी ने अवामी लीग पर छात्रों की हत्याओं का आरोप लगाया था। इंकलाब मंच अवामी लीग को आतंकवादी संगठन बताने, उसे खत्म करने और युवाओं की सुरक्षा की मांग को लेकर सक्रिय रहा। संगठन राष्ट्रीय स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा पर जोर देता है और मई 2025 में अवामी लीग का पंजीकरण रद्द करने तथा चुनावों में उसे अयोग्य घोषित कराने की प्रक्रिया में उसकी भूमिका बताई जाती है। हादी को नवंबर 2025 में फेसबुक पर 30 विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकियां भी मिली थीं।

आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि

हादी पर हमला ऐसे समय हुआ जब चुनाव आयोग ने एक दिन पहले ही 13वें संसदीय चुनाव की तारीख का ऐलान किया था। बांग्लादेश में आम चुनाव अगले साल 12 फरवरी को होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरउद्दीन ने यह घोषणा गुरुवार शाम की थी। ये चुनाव पांच अगस्त 2024 को शेख हसीना के तख्तापलट और देश छोड़कर भारत जाने के डेढ़ साल बाद हो रहे हैं।

तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार काम कर रही है। अवामी लीग का पंजीकरण चुनाव आयोग ने मई 2025 में निलंबित कर दिया, जिसके चलते पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आगामी चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएगी। पार्टी के कई बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है और अवामी लीग की चुनावी भागीदारी व अन्य राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगी हुई है।

निष्कर्ष

उस्मान हादी की हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा बांग्लादेश के पहले से ही संवेदनशील राजनीतिक माहौल को और जटिल बना रही है। मीडिया संस्थानों, भारतीय मिशन और सुरक्षा व्यवस्था पर हुए हमले लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर दबाव बढ़ा रहे हैं। अंतरिम सरकार जहां घटना को चुनाव पूर्व साजिश मानकर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दे रही है, वहीं बढ़ती नाराजगी और सड़कों पर उग्र प्रतिक्रिया आगामी चुनावों के शांतिपूर्ण आयोजन पर सवाल खड़े कर रही है।

Janmejay Chaturvedi