भारत-अमेरिका संबंधों पर रूसी तेल को लेकर तनाव
भारत और अमेरिका के संबंधों में हाल के दिनों में सुधार के संकेत मिले थे, लेकिन रूसी तेल खरीदने को लेकर यह मुद्दा फिर से विवाद का कारण बन गया है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने भारत को स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक भारत रूसी तेल खरीदना बंद नहीं करता, तब तक व्यापार समझौते पर कोई बातचीत संभव नहीं है।
अमेरिका की सख्त शर्त
गुरुवार को एक बयान में हॉवर्ड लुटनिक ने कहा कि भारत को रूसी तेल खरीदने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना होगा। उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ का भी जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका का दबाव जल्द ही भारत को बातचीत के लिए मजबूर करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को माफी मांगनी होगी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक समझौता करना होगा।
दोनों देशों के संबंधों में अनिश्चितता
हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना खास दोस्त बताते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बताया था। पीएम मोदी ने भी ट्रंप की सराहना करते हुए समर्थन दिया था, जिससे माना जा रहा था कि दोनों देशों के संबंध बेहतर हो रहे हैं। लेकिन वाणिज्य मंत्री के इस बयान से साफ है कि आंतरिक रूप से तनाव बना हुआ है।
अमेरिका द्वारा भारत पर रूसी तेल न खरीदने का दबाव बढ़ता जा रहा है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में यह विवाद कैसे सुलझता है। दोनों देशों के बीच व्यापार और कूटनीति में संतुलन स्थापित करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।