भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रूस से तेल खरीद बनी रुकावट

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील  पर  रूस से तेल खरीद  बनी रुकावट

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रूस से तेल खरीद बनी रुकावट

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत जारी है, लेकिन रूस से तेल खरीदने का मुद्दा इस प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा बनकर उभरा है। अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेगा, तब तक ट्रेड डील को अंतिम रूप देना संभव नहीं होगा।

जेनेटिकली मॉडिफाइड मक्का और डिफेंस प्रोडक्ट पर भारत की रियायत

भारत ने इस डील को आगे बढ़ाने के लिए अपनी ओर से कुछ रियायतें देने का प्रस्ताव रखा है। इनमें जेनेटिकली मॉडिफाइड मक्का के आयात पर पाबंदियां हटाना और अमेरिका से अधिक डिफेंस प्रोडक्ट खरीदना शामिल है। यह कदम भारत की ओर से संबंधों को मजबूत करने और डील को जल्द संभव बनाने की दिशा में उठाया गया है।

ट्रेड डील को लेकर सकारात्मक बातचीत जारी

भारत सरकार ने बताया कि कॉमर्स मिनिस्टर पियूष गोयल की अगुवाई में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी सरकार के साथ डील के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक बातचीत की है। दोनों देशों ने डील को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए एक संभावित रोडमैप पर विचार साझा किया है। इस बातचीत के तहत दोनों पक्षों ने सहमति जताई है कि डील को लेकर चर्चाएं जारी रखी जाएंगी।

अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का प्रभाव

अमेरिका ने भारत पर अधिक टैरिफ लगाने का आरोप लगाते हुए 25% का जवाबी टैरिफ और रूस से तेल खरीदने के चलते 50% का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। इस कदम से भारत का लगभग 85,000 करोड़ रुपए का एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ है। भारतीय उत्पाद जैसे कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, फर्नीचर और सी फूड अमेरिका में महंगे हो गए हैं। इससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में खटास आ गई थी।

दवाओं पर 100% टैरिफ की घोषणा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। हालांकि, इस फैसले में भारत की दवाएं अब तक इस टैरिफ से बाहर थीं, लेकिन इसका असर भविष्य में देखने को मिल सकता है।

ट्रेड डील पर भविष्य की उम्मीदें

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दिए गए हालिया बयान ने दोनों देशों के बीच संबंधों में आई कड़वाहट को कुछ हद तक कम किया है। उम्मीद की जा रही है कि भारत और अमेरिका के बीच बातचीत के जरिए डील को अंतिम रूप देने में प्रगति होगी।

अंत में, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। हालांकि, रूस से तेल खरीदने का मुद्दा और अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। अगर दोनों देश इन मुद्दों पर सहमति बना लेते हैं, तो यह डील दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।