भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा में नई बढ़त
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के मुख्य ट्रेड डील नेगोशिएटर ब्रेंडन लिंच सोमवार रात भारत पहुंचे। मंगलवार को वे भारतीय प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर पूरे दिन चर्चा करेंगे। यह वार्ता भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को पुनः मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
व्यापारिक संबंध सुधारने का प्रयास
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और भारत के व्यापार संबंधों पर सकारात्मक टिप्पणी की थी। पीएम मोदी ने ट्रंप के बयान का स्वागत करते हुए कहा था कि यह वार्ताएं दोनों देशों के बीच साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएंगी। ट्रंप ने भी इस बात पर जोर दिया था कि व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रहेगी, और उन्होंने पीएम मोदी के साथ जल्द मुलाकात की इच्छा जताई थी।
टैरिफ विवाद से प्रभावित हुई वार्ताएं
भारत और अमेरिका के बीच मार्च 2025 से व्यापार समझौते को लेकर पांच दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय आयात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद यह बातचीत स्थगित हो गई थी। भारत ने इसे अनुचित और राष्ट्रीय हित के खिलाफ बताया था, जबकि अमेरिका का यह कदम रूसी तेल खरीदने पर दंड के रूप में देखा गया।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मंगलवार की बैठक सफल रही, तो अक्टूबर-नवंबर तक इस व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा सकता है। दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं।
निष्कर्षतः, यह वार्ता भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को पटरी पर लाने और नए अवसरों को खोलने में सहायक हो सकती है।