सोनम रघुवंशी का खंडन: 'मैं नेपाल नहीं भागी, शिलॉन्ग में ही हूं'
इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी और मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी ने एक चैनल से बातचीत में अपने ऊपर लगे नेपाल भागने के आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उनके बारे में झूठी बातें फैलाई जा रही हैं और जनता को किसी भी अफवाह पर भरोसा नहीं करना चाहिए। उनके नेपाल भागने की खबरें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं।
जमानत की शर्तों का पालन, शिलॉन्ग में निवास
सोनम रघुवंशी ने बताया कि वह जमानत के बाद से न्यायालय द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पूरी तरह पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मुझे न्यायालय से जो भी जमानत की शर्तें मिली हैं, मैंने हमेशा उनका पूरी तरह पालन किया है और मैं उस दायरे को कभी नहीं तोड़ूंगी।"
जब उनसे पूछा गया कि वह कहां रह रही हैं और अपने खर्चे कैसे कर रही हैं, तो उन्होंने कहा, "वर्तमान में शिलॉन्ग में ही रह रही हूं। शिलॉन्ग से बाहर बिल्कुल नहीं गई हूं। रही बात खर्चों की, तो उसके बारे में मैं कुछ नहीं बताना चाहती। वह मेरा निजी मामला है। सुरक्षा कारणों की वजह से शिलॉन्ग के भीतर अपने सटीक रहने के स्थान को सार्वजनिक नहीं कर सकती।"
इंदौर जाने का कोई इरादा नहीं, मामले की सुनवाई जारी
शिलॉन्ग छोड़ने की प्लानिंग या इंदौर जाने के सवाल पर सोनम ने कहा, "नहीं, मेरा अभी इंदौर जाने का कोई विचार नहीं है, क्योंकि मेरा मामला अभी यहीं चल रहा है। जब तक यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, मैं कहीं नहीं जाऊंगी। अभी मामले की सुनवाई चल रही है। लोग मेरे बारे में पूरी तरह झूठ बोल रहे हैं।"
बचाव पक्ष के वकील का बयान
बचाव पक्ष के वकील सुदीप राणा ने मृतक के भाई विपिन रघुवंशी द्वारा सोनम को नेपाल भगाने में मदद करने के आरोप को झूठा और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद आरोप है। सिर्फ इसलिए कि मैं नेपाली मूल का हूं, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि मैं नेपाल से हूं या मेरा वहां कोई संबंध है। मेरा जन्म और पालन-पोषण शिलॉन्ग शहर में ही हुआ है और मेरी पूरी पढ़ाई-लिखाई भी यहीं हुई है। नेपाल में मेरा कोई नहीं है।"
वकील ने आगे कहा, "इस आरोप के झूठे होने का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि सोनम आज खुद यहां मौजूद है। आज न्यायालय में इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी और वह व्यक्तिगत रूप से शिलॉन्ग में पेश हुई है। मैं भी इस समय न्यायालय परिसर में ही हूं, जिससे साफ साबित होता है कि हम कभी शिलॉन्ग से बाहर गए ही नहीं।"
पूरक चार्जशीट पर सुनवाई
सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर चल रही सुनवाई के बारे में वकील सुदीप राणा ने बताया कि अभियोजन पक्ष की बहस पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा, "हमने विशेष रूप से हथियार कानून (आर्म्स एक्ट) की धाराओं को लेकर अपना पक्ष रखा है कि क्या सोनम के खिलाफ यह कानून लागू होता है या नहीं। अब इस बिंदु पर जवाब देने के लिए सरकारी वकील ने सोमवार तक का समय मांगा है। चूंकि मामला अभी लंबित है, इसलिए हम इतना ही कह सकते हैं कि यह अभी सुनवाई के चरण में है।"
CBI जांच की मांग
राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका तर्क है कि जब लड़कियों से जुड़े चर्चित मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसी कर सकती है, तो एक लड़के की हत्या के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील और चर्चित है, साथ ही इसमें मध्य प्रदेश और मेघालय जैसे दो अलग-अलग राज्यों का पहलू भी जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच होनी चाहिए।
हत्या की साजिश का खुलासा
11 मई 2025 को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद हनीमून के लिए मेघालय गए राजा और सोनम 23 मई 2025 को अचानक लापता हो गए। 3 जून 2025 को मेघालय की एक खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि हनीमून की आड़ में हत्या की साजिश रची गई थी, जिसमें सोनम रघुवंशी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन वह फिलहाल जमानत पर बाहर है।
Adarsh Chaurasiya