भारत सरकार ने 2027 जनगणना के पहले प्री-टेस्ट की घोषणा की

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भारत सरकार  ने 2027 जनगणना के पहले प्री-टेस्ट की घोषणा की

2027 जनगणना के पहले प्री-टेस्ट की घोषणा

भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल ने 2027 जनगणना के पहले चरण के प्री-टेस्ट की घोषणा की है। यह प्री-टेस्ट 10 से 30 नवंबर 2023 तक आयोजित होगा।

प्री-टेस्ट का उद्देश्य

इस प्री-टेस्ट का मुख्य उद्देश्य डेटा कलेक्शन, लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग और डिजिटल टूल्स की जांच करना है। इसमें हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, मोबाइल ऐप से डेटा कलेक्शन और सेल्फ-एन्यूमरेशन का परीक्षण भी किया जाएगा।

जनगणना प्रक्रिया की तैयारी

गृह मंत्रालय ने 16 जून को जनगणना के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके अनुसार, जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी जिसमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल रहेंगे। दूसरा चरण 1 मार्च 2027 से पूरे देश में शुरू होगा।

जातिगत जनगणना पर चर्चा

2025 में केंद्र ने जातिगत जनगणना कराने की घोषणा की थी। यह देश में आजादी के बाद पहली जातीय जनगणना होगी। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दल लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग कर रहे हैं। पिछली बार 2011 में सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना हुई थी लेकिन इसके आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए।

भविष्य की योजना

केंद्र सरकार जातियों की मान्य सूची तैयार करेगी ताकि सुनियोजित डेटा संग्रह किया जा सके। इसके लिए सर्वदलीय बैठक में सहमति ली जाएगी। OBC जातियों की गणना के लिए जनगणना एक्ट 1948 में संशोधन करना होगा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

जातिगत जनगणना के फैसले पर बिहार में राजनीतिक प्रतिक्रिया देखी गई है। सीएम नीतीश कुमार ने इसे लेकर पीएम मोदी का धन्यवाद किया, जबकि लालू यादव ने इसे जनता दल की पहल बताया।