UAE में ईरानी हमलों पर भारत सख्त, 3 भारतीयों के घायल होने को बताया अस्वीकार्य
भारत का कड़ा रुख
UAE के फुजैराह में तेल बंदरगाहों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने कहा है कि इन हमलों में तीन भारतीय नागरिकों का घायल होना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा बंद करने और आम लोगों व नागरिक ढांचे को निशाना न बनाने की अपील की है। भारत का मानना है कि हालात को संभालने का सबसे सही रास्ता बातचीत और कूटनीति है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनी रहे।
अंतरराष्ट्रीय कानून और होर्मुज स्ट्रेट
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए। भारत ने साफ किया कि वह हर उस कोशिश का समर्थन करेगा जिससे इस मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।
UAE का दावा और ईरान का रुख
इससे पहले UAE ने दावा किया था कि हमला ईरान की तरफ से हुआ था। UAE ने 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को रोकने में सफलता का दावा किया था। हालांकि, ईरान ने UAE के इस आरोप पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि आम लोगों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत UAE के साथ मजबूती से खड़ा है।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय पहलें
हाल की घटनाओं में UAE के ड्रोन प्लांट पर हमला, होर्मुज के आसपास अमेरिका द्वारा प्रोजेक्ट फ्रीडम पहल शुरू करना, और होर्मुज स्ट्रेट में दक्षिण कोरियाई जहाज पर हमला शामिल है। अमेरिका ने जब्त ईरानी जहाज टूस्का को पाकिस्तान को सौंप दिया है। ईरान में मोसाद से जुड़े होने के आरोप में कुछ लोगों को फांसी भी दी गई है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' और उसकी प्रभावशीलता
अमेरिका ने होर्मुज में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' शुरू किया है। अमेरिकी सेना ने दो व्यापारी जहाजों को सुरक्षित तरीके से गुजारा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध से पहले की तरह जहाजों की आवाजाही बहाल करना एक बड़ी चुनौती है, जो काफी हद तक ईरान के रुख पर निर्भर करेगा।
ईरान का जवाब और कूटनीतिक प्रयास
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को 'प्रोजेक्ट डेडलॉक' बताते हुए कहा कि किसी राजनीतिक संकट का हल सैन्य कार्रवाई से नहीं निकल सकता। उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता में आगे बढ़ रही बातचीत का भी जिक्र किया।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का आकलन है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने में लगने वाला समय अभी भी लगभग एक साल है, बशर्ते कि उसके पास मौजूद उच्च स्तर के यूरेनियम भंडार को खत्म किया जाए।
चीन का कदम और अमेरिका का दबाव
चीन ने एक नया कानून लागू किया है जिसके तहत वह उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है जो विदेशी प्रतिबंधों को मानती हैं, विशेष रूप से ईरान से तेल खरीदने पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में। अमेरिका ने चीन से ईरान पर होर्मुज खोलने का दबाव डालने को कहा है।
घटनाक्रम की टाइमलाइन (संक्षिप्त)
दुबई के स्कूलों का ऑनलाइन शिफ्ट होना
सुरक्षा कारणों से दुबई के कई प्राइवेट स्कूलों को 5 से 8 मई तक अस्थायी रूप से ऑनलाइन पढ़ाई पर शिफ्ट किया गया था।
ईरान के दावों और अमेरिकी खंडन
ईरान ने अमेरिकी वॉरशिप को निशाना बनाने का दावा किया, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी नौसेना का किसी भी जहाज पर हमला नहीं हुआ है।
UAE के रक्षा मंत्रालय के आंकड़े
UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी हमलों में 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन रोके। कुल घायलों की संख्या बढ़कर 227 हो गई है, जिसमें विभिन्न देशों के नागरिक शामिल हैं। 3 ईरानी हमलों में UAE के 3 सैनिक मारे गए थे।
कनाडा का समर्थन
कनाडा के प्रधानमंत्री ने UAE के प्रति समर्थन जताया है और क्षेत्र में तनाव कम करने की अपील की है।
Pushpendra Chaubey