भोपाल के डैमों में जलस्तर बढ़ा, बारिश ने बढ़ाई राहत

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भोपाल के डैमों में जलस्तर बढ़ा, बारिश ने बढ़ाई राहत

भोपाल के डैमों में जलस्तर बढ़ा, बारिश ने बढ़ाई राहत

भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो

भोपाल में लगातार बारिश के चलते भदभदा और कलियासोत डैम ओवरफ्लो हो गए हैं। बड़े तालाब के भरने के बाद भदभदा डैम के गेट इस सीजन में दो बार खोले जा चुके हैं, जबकि कलियासोत डैम के गेट एक बार खोले गए। हालांकि बुधवार सुबह दोनों डैम के गेट बंद कर दिए गए।

जलभराव से प्रभावित इलाके

डैम के गेट खोलने से कलियासोत नदी के जरिए पानी का तेज बहाव कई इलाकों से होकर गुजर रहा है। अमरनाथ, दामखेड़ा, सलैया, मिसरोद, समरधा और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। अतीत में इन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी देखे जा चुके हैं।

फायर अमला अलर्ट पर

कलियासोत डैम के गेट खुलने के बाद स्थानीय प्रशासन और फायर अमला सतर्क हो गया है। लोगों को नदी के पास न जाने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि पानी का बहाव काफी तेज है। जलभराव से निपटने के लिए टीमें व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए संपर्क बनाए हुए हैं।

भोपाल में पानी सप्लाई के प्रमुख स्रोत

भोपाल में पानी की सप्लाई चार प्रमुख स्रोतों से होती है। कोलार डैम से 40%, बड़े तालाब से 20%, नर्मदा लाइन से 30% और केरवा डैम से 10% पानी की आपूर्ति होती है। केरवा और कलियासोत का पानी सिंचाई में भी उपयोग किया जाता है।

आने वाले समय में जल संकट की संभावना नहीं

सभी प्रमुख जलस्रोतों में पर्याप्त पानी भर चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले डेढ़ से दो साल तक पेयजल संकट की कोई संभावना नहीं है।

निष्कर्ष

भोपाल में अच्छी बारिश के चलते पानी की स्थिति संतोषजनक है। बड़े तालाब और अन्य डैम न केवल जलस्तर को बनाए रख रहे हैं, बल्कि शहर की बड़ी आबादी की जल आपूर्ति की जरूरतों को भी पूरा कर रहे हैं।