नेपाल में हिंसा के बीच सेना ने संभाली कमान

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नेपाल में हिंसा  के बीच सेना ने संभाली कमान

नेपाल में हिंसा के बीच सेना ने संभाली कमान

नेपाल में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के तीसरे दिन हिंसक प्रदर्शनों ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के चलते अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना ने मंगलवार रात देश का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया।

प्रदर्शनकारियों का हिंसक रूप

प्रदर्शन के दौरान कई सरकारी इमारतों, सुप्रीम कोर्ट और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों में आग लगा दी गई। सुप्रीम कोर्ट में आगजनी से 25,000 केस फाइलें नष्ट हो गईं। पूर्व प्रधानमंत्री ओली, शेर बहादुर देउबा और प्रचंड के घरों को भी निशाना बनाया गया। इसके अलावा, पोखरा और चितवन में भी भारी हिंसा और आगजनी की खबरें आईं।

विदेशी नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा

नेपाल सेना ने विदेशी नागरिकों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है। काठमांडू का त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है, जिससे सैकड़ों यात्री फंस गए हैं। भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

सोशल मीडिया पर प्रतिबंध

नेपाल सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब शामिल हैं। यह कदम फर्जी आईडी, हेट स्पीच और साइबर क्राइम रोकने के लिए उठाया गया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना ने गश्त तेज कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी नेपाल की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है।

नेपाल में चल रही अशांति से देश की राजनीति और सामाजिक व्यवस्था पर लंबे समय तक असर पड़ने की संभावना है। सेना और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद है।