भोपाल मास्टर प्लान-2047: किसानों-व्यापारियों का विरोध, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर धरने की चेतावनी

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भोपाल मास्टर प्लान-2047: किसानों-व्यापारियों का विरोध, ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर धरने की चेतावनी

भोपाल मास्टर प्लान-2047 के ड्राफ्ट पर किसानों और व्यापारियों का विरोध

किसानों का प्रदर्शन और प्रमुख आपत्तियां

शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान शाहपुरा स्थित टीएनसीपी दफ्तर पहुंचे। भारतीय किसान संघ के बैनर तले आए किसानों ने उपसंचालक हरिओम महेश्वरी को आपत्तियां सौंपीं। किसानों ने कृषि भूमि के भू-उपयोग में बदलाव, बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में निर्माण और सरपंचों को बैठकों में नहीं बुलाने पर सवाल उठाए।

जनपद पंचायत अध्यक्ष फंदा प्रमोद सिंह राजपूत ने कहा कि अधिकारी गड़बड़ी कर रहे हैं और वे मास्टर प्लान के खिलाफ हैं। सरपंच प्रतिनिधि घनश्याम पाटीदार ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान में शामिल सरपंचों को किसी बैठक में नहीं बुलाया गया।

किसान गीता प्रसाद पाटीदार ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आएंगे और टीएनसीपी दफ्तर के सामने धरने पर बैठ जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान किसान ‘किसान शक्ति जागेगी, सारी समस्या भागेगी’ लिखे बोर्ड लेकर पहुंचे। पुलिस-प्रशासन भी सक्रिय रहा।

किसानों का कहना है कि मास्टर प्लान में 66 गांवों की कृषि भूमि को रिवरफ्रंट, फॉरेस्ट, ग्रीन बेल्ट और अन्य आरक्षित श्रेणियों में शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे उनकी निजी जमीन, खेती और आजीविका प्रभावित हो सकती है। किसानों की मांग है कि कृषि भूमि का भू-उपयोग बदलने से पहले उनकी समस्याओं और अधिकारों पर गंभीरता से विचार किया जाए। इससे पहले गुरुवार को नीलबड़ में किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया था। भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष अखिलेश मीणा ने भी किसानों की निजी भूमि, कृषि कार्य और अधिकारों को प्रभावित करने वाले प्रावधानों पर आपत्तियां दर्ज कराने की बात कही थी।

किसानों ने बड़े तालाब

Sachin Saxena