बारामूला में दो आतंकी सहयोगी गिरफ्तार, हथियार और विस्फोटक बरामद
जम्मू-कश्मीर के बारामूला में सुरक्षाबलों ने दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से तुर्किये में बनी एक कनिक पिस्टल, 10 कारतूस वाली मैगजीन और दो IED बरामद हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) के तौर पर काम कर रहे थे और उन पर आतंकियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने में मदद करने का शक है। दोनों सोपोर के चिंकीपोरा के रहने वाले हैं। खुफिया सूचना के आधार पर सेना की 52 राष्ट्रीय राइफल्स और बारामूला पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर दोनों को डेलिना घाट के पास डारपुरा नर्सरी इलाके से गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है।
पिछले 60 दिनों में 18 आतंकी सहयोगियों की गिरफ्तारी
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 60 दिनों में ऐसी 18 आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई को कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने और आतंकियों के मददगार नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में अहम कामयाबी माना जा रहा है।
अन्य हालिया गिरफ्तारियां और बरामदगी
9 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षा बलों ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पूर्व आतंकी मंजूर अहमद भट को गिरफ्तार किया। उसके पास से चीन में बनी पिस्तौल, 2 मैगजीन और 16 गोलियां बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक, मंजूर पहले भी 2 मामलों में गिरफ्तार हो चुका है और वह संगठन के लिए आतंकी गतिविधियों में मदद करने के साथ हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था।
24 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों ने रात में चेकिंग के दौरान 6 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 2 हैंड ग्रेनेड और हिजबुल मुजाहिदीन के 5 पोस्टर मिले थे। वहीं, पुलवामा में भी सुरक्षाबलों ने यरवान जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से एक पिस्तौल, 12 कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे।
इससे पहले सोपोर के मंजसीर इलाके में सुरक्षाबलों ने जॉइंट सर्च ऑपरेशन में हथियार बरामद किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, एक खाली पड़े घर से AK-47 राइफल, 3 मैगजीन, 72 कारतूस, 4 हैंड ग्रेनेड और एक IED बरामद किया गया।
7 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा टेरर मॉड्यूल से जुड़े कुल 5 लोगों को अरेस्ट किया था। इनमें से दो पाकिस्तानी आतंकी थे और बाकी उनके मददगार थे। एक आतंकी की पहचान अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरेरा के रूप में हुई जो 16 साल से फरार था। वहीं, दूसरा पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ खुबैब था।
Amit Pateria