भोपाल में बैंककर्मी 5 डे वीक की मांग पर फिर सड़कों पर
पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह यानी 5 डे वीक वर्किंग की मांग को लेकर भोपाल में सोमवार को बैंककर्मी धरना देंगे। वे एमपी नगर क्षेत्र में इकठ्ठा होकर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन और सभा करेंगे।
यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर देशभर में आंदोलन
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्यप्रदेश के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा के अनुसार यूनियंस के आह्वान पर देशभर के बैंक अधिकारी और कर्मचारी आंदोलनरत हैं। इसके तहत भोपाल में सुबह 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक पंजाब नेशनल बैंक, इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स शाखा, एमपी नगर के सामने धरना प्रदर्शन होगा। इसमें सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे।
10 लाख बैंककर्मियों के लिए 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग
यूनियंस के पदाधिकारियों ने बताया कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने बैंक शाखाओं और कार्यालयों में कार्यरत बैंकिंग उद्योग के लगभग 10 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों पर बढ़ते तनाव और काम के दबाव के कारण पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग उठाई थी। उनका कहना है कि मौजूदा कार्य व्यवस्था कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी का समझौता
वर्ष 2015 में बैंक कर्मचारी और अधिकारियों के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते में यह तय हुआ था कि हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहेंगे। इसके बदले बाकी शनिवार, जिनमें पहले आधा दिन कामकाज होता था, में पूरे दिन काम किया जाएगा। इस समझौते के बाद भी यूनियंस ने शेष शनिवारों को भी छुट्टी घोषित करने की मांग जारी रखी।
कोविड के दौरान मांग पर गंभीरता से विचार नहीं
यूनियंस के अनुसार बाद के द्विपक्षीय समझौतों के दौरान भी उन्होंने बाकी शनिवारों को छुट्टी करने और पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग रखी। लेकिन कोविड-19 महामारी के दौरान हुए समझौते के कारण इस मांग को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद हुए समझौते में उन्होंने फिर से 5 डे वीक का मुद्दा उठाया।
दिसंबर 2023 में सहमति, पर अभी तक सरकारी मंजूरी नहीं
यूनियंस ने बताया कि दिसंबर 2023 में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस और बैंक प्रबंधन के बीच पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह के मुद्दे पर सहमति बन गई थी। बैंक प्रबंधन ने इस सहमति को अपनी सिफारिश के साथ वित्त मंत्रालय, केंद्र सरकार को भेज दिया। यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्य के घंटों में आवश्यक बदलाव, भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक से जरूरी मंजूरी के बाद ही लागू किए जा सकेंगे।
यूनियंस के मुताबिक इस मुद्दे पर सरकार को सिफारिश भेजे हुए करीब दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से अंतिम सहमति नहीं दी गई है। इसी देरी के खिलाफ बैंककर्मी अब फिर से आंदोलन तेज कर रहे हैं।
मार्च 2025 की हड़ताल टली, अब फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
पदाधिकारियों ने बताया कि 5 डे वीक की मांग पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 24 और 25 मार्च 2025 को हड़ताल का आह्वान किया था। हालांकि, हड़ताल शुरू होने से तीन दिन पहले वित्त मंत्रालय और बैंक प्रबंधन से मिले आश्वासन के बाद यह हड़ताल स्थगित कर दी गई थी।
यूनियंस का आरोप है कि इस मुद्दे पर जानबूझकर देरी की जा रही है। इसी के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने दोबारा आंदोलन करने का निर्णय लिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि यदि केंद्र सरकार द्वारा पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग जल्द नहीं मानी गई, तो आने वाले दिनों में बैंककर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
नतीजों पर टिकी बैंक ग्राहकों की नजर
धरना और संभावित हड़ताल से सरकारी बैंकों की सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ऐसे में बैंक ग्राहक भी इस आंदोलन के परिणाम पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि यूनियंस अपनी मांग को कर्मचारियों के हित और बेहतर कार्य स्थितियों के लिए आवश्यक बता रही हैं।
Sachin Saxena