भोपाल मेट्रो: 21 दिसंबर से शुरू होगा कमर्शियल रन, पहले हफ्ते फ्री सफर
भोपाल में मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर लंबे इंतजार के बाद कमर्शियल रन की शुरुआत दिसंबर में होने जा रही है। शुरुआत में यात्रियों को एक सप्ताह तक बिना टिकट मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, जबकि आगे के महीनों के लिए रियायती किराया मॉडल लागू किया जाएगा।
उद्घाटन कार्यक्रम और तारीखों को लेकर स्थिति
भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन की प्रस्तावित तारीख 21 दिसंबर रखी गई है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़ेंगे, जबकि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर भोपाल पहुंचकर मेट्रो का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और फूलों से सजे तीन कोच वाली मेट्रो से शहर का दौरा करेंगे।
हालांकि, कार्यक्रम की तारीख में एक दिन पहले यानी 20 दिसंबर से शुरुआत की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सार्वजनिक रूप से 21 दिसंबर को ही मेट्रो सेवा शुरू होने की बात कही है। इस पर सरकार, बीजेपी संगठन और अफसरों के बीच मंथन जारी है।
सुरक्षा मंजूरी और तकनीकी निरीक्षण
कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम पहले ही भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को ग्रीन सिग्नल दे चुकी है। टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची थी और 13 से 15 नवंबर तक डिपो, ट्रैक और कोचों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी स्तर पर नट-बोल्ट तक की जांच की और इसके बाद एनओसी जारी की गई।
तैयारियां लगभग पूरी, स्टेशन के बाहर काम जारी
मेट्रो से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल रन के लिए जरूरी सभी काम पूरे कर लिए गए हैं। कुछ स्टेशनों पर फिनिशिंग और बाहरी हिस्सों पर काम अभी भी चल रहा है, लेकिन इससे संचालन पर असर नहीं पड़ेगा।
सुभाष नगर, रानी कमलापति, एमपी नगर, केंद्रीय स्कूल, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स मेट्रो स्टेशनों के बाहर सड़क निर्माण और अन्य शेष कार्य तेजी से निपटाए जा रहे हैं, ताकि उद्घाटन से पहले परिसर सुचारु हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त, प्राइवेट गार्ड तैनात
कमर्शियल रन की शुरुआत और प्रधानमंत्री की वर्चुअल मौजूदगी को देखते हुए सभी मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेट्रो कॉरपोरेशन ने स्टेशनों पर निजी सुरक्षा गार्ड तैनात कर दिए हैं और परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है।
किराया संरचना और प्रारंभिक रियायतें
भोपाल मेट्रो के लिए किराया संरचना लगभग तय कर ली गई है और कुछ स्टेशनों, विशेषकर एमपी नगर पर, किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि मेट्रो कॉरपोरेशन ने आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की है, लेकिन जानकारी के मुताबिक इंदौर मेट्रो जैसा किराया मॉडल अपनाया जाएगा।
प्रारंभिक योजना के अनुसार, पहले सात दिन यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसके बाद तीन महीने तक टिकट पर क्रमशः 75%, 50% और 25% की छूट मिलेगी। छूट समाप्त होने के बाद न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम 80 रुपए रखा जाएगा। अधिकतम किराया पूरी ऑरेंज लाइन के रूट के पूर्ण रूप से चालू होने पर लागू होगा।
स्पीड और ट्रायल रन की स्थिति
सुभाष नगर से एम्स तक प्रायोरिटी कॉरिडोर पर लगातार ट्रायल रन किए जा रहे हैं। ट्रायल के दौरान मेट्रो की सामान्य गति 30 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखी जा रही है, जबकि कुछ चरणों में 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर भी कोचों को चलाकर परीक्षण किया गया है।
टिकटिंग सिस्टम फिलहाल मैनुअल, ऑटोमैटिक सिस्टम में देरी
कमर्शियल रन की शुरुआत में भोपाल मेट्रो में टिकटिंग सिस्टम ऑनलाइन या ऑटोमैटिक न होकर मैनुअल रहेगा। यात्रियों को रेलवे की तरह टिकट काउंटर से टिकट लेकर यात्रा करनी होगी। इंदौर मेट्रो में भी अभी यही प्रणाली लागू है।
दरअसल, भोपाल और इंदौर मेट्रो के लिए ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने का कार्य तुर्की की कंपनी असिस गार्ड को दिया गया था, लेकिन विवादों और देरी के चलते अगस्त में कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया गया। अब नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें दो से तीन महीने का समय लगने की संभावना है। इसी वजह से शुरुआती दौर में मैनुअल टिकटिंग व्यवस्था रहेगी।
पार्किंग की कमी, केवल पिक एंड ड्रॉप सुविधा
ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर में शामिल आठों स्टेशनों पर फिलहाल पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। स्टेशनों पर केवल पिक एंड ड्रॉप की सुविधा रहेगी, यानी यात्री वाहन से उतर और चढ़ सकेंगे, लेकिन अपने निजी वाहन लंबे समय के लिए वहां खड़े नहीं कर पाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक, मेट्रो कॉरपोरेशन कई स्टेशनों के नीचे वाणिज्यिक आउटलेट विकसित करने की तैयारी में है, जिस कारण पार्किंग के लिए स्थान नहीं बचता। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर पार्किंग के विकल्प खोजे जा रहे हैं, ताकि यात्रियों को अधिक परेशानी न हो।
प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति और आगे की योजना
भोपाल मेट्रो का पहला प्रमुख रूट एम्स से करोंद तक लगभग 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर के हिस्से को प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में चिन्हित कर वर्ष 2018 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था। सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि अलकापुरी, एम्स और डीआरएम स्टेशनों पर कुछ कार्य शेष हैं, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है।
रेलवे ट्रैक को पार करने के लिए दो स्टील ब्रिज भी तैयार कर लिए गए हैं। प्रायोरिटी कॉरिडोर शुरू होने के बाद ध्यान ऑरेंज लाइन के दूसरे फेज यानी सुभाष नगर से करोंद तक शेष हिस्से और ब्लू लाइन पर भदभदा से रत्नागिरी के बीच चल रहे कार्यों पर केंद्रित किया जाएगा।
पहला ट्रायल और डीपीआर में पार्किंग का अभाव
भोपाल में मेट्रो की पहली ट्रेन 3 अक्टूबर 2023 को ट्रायल के दौरान पटरी पर दौड़ी थी। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में यात्रा की थी।
भोपाल और इंदौर दोनों शहरों की मेट्रो परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में अधिकांश स्टेशनों पर पार्किंग का स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। डीपीआर में यह उल्लेख है कि यदि अतिरिक्त भूमि उपलब्ध होगी, तो ही पार्किंग विकसित की जाएगी। चूंकि अधिकांश स्टेशन मुख्य सड़कों पर और सीमित सरकारी भूमि पर बने हैं, इसलिए स्टेशन के नीचे या आसपास बड़े पार्किंग स्पेस का निर्माण फिलहाल संभव नहीं हो पाया है।
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, दोनों शहरों के लिए समग्र मोबिलिटी प्लान तैयार किया गया है, जिसमें यह लक्ष्य रखा गया है कि यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए 500 मीटर से अधिक पैदल न चलना पड़े। इसी दृष्टि से बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों को मेट्रो से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर अब संचालन के लिए तैयार है और दिसंबर से आम यात्रियों को इसका लाभ मिलने लगेगा। शुरुआती दौर में मुफ्त और रियायती यात्रा से लोगों को मेट्रो अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि सुरक्षा, गति और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि पार्किंग और ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम जैसी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से इन्हें भी दूर करने की कोशिश की जाएगी।
Faraz Khan