बिहार चुनाव में तेजस्वी-अखिलेश की बड़ी चाल

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बिहार चुनाव में तेजस्वी-अखिलेश की बड़ी चाल

बिहार चुनाव में तेजस्वी-अखिलेश की रणनीतिक चाल

'वोटर अधिकार यात्रा' से बना चुनावी माहौल

बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने 'वोटर अधिकार यात्रा' के जरिए जनता के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई और 23 जिलों व 1300 किलोमीटर का सफर तय कर पटना में समाप्त हुई। इस यात्रा के समापन पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी शिरकत की।

अखिलेश ने तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार बताया

अखिलेश यादव ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करते हुए उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार के विकास के लिए उपयुक्त नेता हैं और उन्होंने राज्य में रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। हालांकि, कांग्रेस अब भी इस पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

यूपी और बिहार की सियासत का कनेक्शन

अखिलेश यादव ने बिहार की राजनीति में दखल देकर उत्तर प्रदेश के लिए भी संकेत दिए हैं। उन्होंने बिहार से यूपी के 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की है ताकि वहां भी सपा के नेतृत्व को लेकर कोई सस्पेंस न बने। बिहार में तेजस्वी को समर्थन देकर अखिलेश ने महागठबंधन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

भविष्य की रणनीति

कांग्रेस, सपा और आरजेडी जैसी पार्टियां अपने-अपने राज्यों में राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही हैं। बिहार में महागठबंधन की मजबूती और यूपी में सपा-कांग्रेस के संबंध आगामी चुनावों के नतीजों पर असर डाल सकते हैं।

यह देखना दिलचस्प होगा कि यह गठबंधन आगे कितना प्रभावी रहता है और भाजपा के खिलाफ कितना मजबूत विकल्प बन पाता है।