CBI की बड़ी कार्रवाई लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत में गिरफ्तार, 2.36 करोड़ बरामद

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CBI की बड़ी कार्रवाई लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत में गिरफ्तार, 2.36 करोड़ बरामद

रक्षा मंत्रालय में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रक्षा मंत्रालय के उत्पादन विभाग में पोस्टेड लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने छापेमारी के दौरान उनके घर से बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की है और व्यापक जांच शुरू कर दी है।

3 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, घर से 2.36 करोड़ जब्त

CBI का आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा ने बेंगलुरु स्थित एक कंपनी से 3 लाख रुपये की रिश्वत ली। तलाशी के दौरान दिल्ली स्थित उनके घर से कुल 2.23 करोड़ रुपये नकद, 3 लाख रुपये और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। एजेंसी ने कुल 2.36 करोड़ रुपये नकद जब्त करने की जानकारी दी है।

पत्नी कर्नल काजल बाली और बिचौलिया भी जांच के दायरे में

CBI ने लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा की पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। काजल बाली श्रीगंगानगर, राजस्थान की डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट (DOU) में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। श्रीगंगानगर में उनके आवास से भी 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इस मामले में बिचौलिया विनोद कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जिसने 18 दिसंबर को बेंगलुरु की कंपनी के कहने पर दीपक कुमार शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।

प्राइवेट रक्षा कंपनियों को फायदा पहुंचाने की साजिश का आरोप

CBI के मुताबिक यह मामला 19 दिसंबर को मिली सूचना के आधार पर दर्ज किया गया। एजेंसी का आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा रक्षा उत्पादों के निर्माण और निर्यात से जुड़ी प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर उन्हें सरकारी स्तर पर अवैध फायदा पहुंचाने की साजिश रचते थे।

दुबई की कंपनी और उसके भारतीय ऑपरेशन पर शक

जांच एजेंसी का दावा है कि जिस कंपनी से रिश्वत दी गई, वह दुबई की है और भारत में उसके ऑपरेशन राजीव यादव और रवजीत सिंह नाम के दो व्यक्तियों द्वारा देखे जा रहे थे। ये दोनों कंपनी के लिए कई सरकारी विभागों और मंत्रालयों से अवैध फायदा हासिल करने की कोशिश में थे और लगातार लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के संपर्क में थे।

देशभर में छापेमारी, CBI हिरासत में भेजे गए आरोपी

सूचना मिलने के बाद CBI ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू सहित कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। दिल्ली में लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के घर और उनके कार्यालय पर भी तलाशी की गई, जो अभी जारी रहने की बात कही गई है। लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और बिचौलिया विनोद कुमार को 20 दिसंबर को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर तक CBI की हिरासत में भेज दिया गया।

CBI अब जब्त नकदी के स्रोत, प्राइवेट कंपनियों के साथ हुई कथित साजिश और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई अदालत और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।

Adarsh Chaurasiya