छिंदवाड़ा में किडनी फेल से 9 बच्चों की मौत, कफ सिरप पर बैन
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेल होने से नौ बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है। इन बच्चों को स्थानीय डॉक्टरों ने कोल्ड्रिफ और नेक्सा-डीएस कफ सिरप की सिफारिश की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इन दोनों सिरप पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।
सिरप की सप्लाई और जांच
जांच में पता चला है कि ये सिरप जबलपुर से सप्लाई की गई थी। श्री सन फार्मा कंपनी के मैनेजर के निर्देश पर महाकौशल डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल से सिरप की आपूर्ति छिंदवाड़ा की तीन मेडिकल दुकानों को की गई थी। इन सिरप्स को सिर्फ छिंदवाड़ा में ही बेचा जा रहा था।
ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर ने डीलर के कार्यालय की जांच की। इस दौरान पाया गया कि छिंदवाड़ा के अलावा मध्यप्रदेश में कहीं और यह सिरप सप्लाई नहीं की गई थी।
डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस की चेतावनी
साल 2023 में डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस ने राज्यों को निर्देश दिया था कि इस फार्मूले की दवा चार साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। इसके बावजूद छिंदवाड़ा में डॉक्टरों ने यह दवा लिखी, जिससे प्रभावित बच्चों में से अधिकांश की उम्र चार साल या उससे कम थी।
जांच की प्रगति
मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। इनमें सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (सीडीएससीओ) की टीम और राज्य स्तर की टीमें शामिल हैं। चेन्नई स्थित कंपनी से सिरप की मैन्यूफैक्चरिंग प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।
अब तक 19 सैंपल्स में से 9 की रिपोर्ट आ चुकी है, जिन्हें 'ओके' कैटेगरी में रखा गया है। हालांकि, कोल्ड्रिफ और नेक्सा-डीएस की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
सिरप में जहरीले केमिकल की आशंका
यह भी पता चला है कि कोल्ड्रिफ सिरप में 48% डाईथाइलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले रसायन की मिलावट हो सकती है। इसी के कारण बच्चों की किडनी फेल होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई
प्रशासन ने इन सिरप्स को बाजार से हटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर यह पता लगाया जाएगा कि सिरप का उपयोग कितने बच्चों ने किया। अधिकारियों ने कहा है कि यदि रिपोर्ट सामान्य आई तो भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
निष्कर्ष
इस घटना ने न सिर्फ प्रशासन बल्कि आम जनता को भी झकझोर कर रख दिया है। बच्चों की मौत की असली वजह का पता लगाने के लिए एक साथ कई स्तरों पर जांच चल रही है। सिरप में जहरीले केमिकल की पुष्टि होने पर संबंधित कंपनियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।