छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 130 नक्सलियों ने हथियार डालकर किया सरेंडर

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छत्तीसगढ़  के बीजापुर में 130 नक्सलियों ने  हथियार डालकर  किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में 130 नक्सलियों का सरेंडर

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सली प्रवक्ता और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर रूपेश ने अपने 130 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। यह सरेंडर बीजापुर पुलिस के पास हुआ, जहां नक्सलियों ने अपने हथियार डाल दिए। इस घटना को क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नक्सल संगठन के शीर्ष सदस्य सरेंडर में शामिल

रूपेश के साथ आए लोगों में 1 सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM), 2 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (DKSZCM), और 15 डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM) कैडर के माओवादी शामिल हैं। उनके आत्मसमर्पण से पूरे माड़ डिवीजन खाली हो गया है। इससे पहले कांकेर जिले में भी 50 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया था।

सरकार का नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करने की योजना घोषित की है। पिछले 20 महीनों में 1,876 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे क्षेत्र में शांति और पुनर्वास की उम्मीदें बढ़ी हैं।

नक्सलियों के आत्मसमर्पण का बढ़ता सिलसिला

सरेंडर का सिलसिला लगातार जारी है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हाल ही में डेढ़ करोड़ के इनामी माओवादी भूपति ने भी हिंसा का रास्ता छोड़कर अपने 60 साथियों के साथ मुख्यधारा में वापसी की। सरकार की पुनर्वास नीति से जुड़े नक्सलियों का जीवन अब बदल रहा है।

सरकार और पुलिस के प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। 2026 तक पूरे देश को नक्सलवाद मुक्त बनाने की दिशा में काम तेज हो चुका है।