CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ का अचानक मॉस्को दौरा
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ मॉस्को पहुंचे हैं। वह अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से आए और रूसी अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
यात्रा की जानकारी और प्रतिक्रिया
इस दौरे की पहले कोई घोषणा नहीं की गई थी। रूसी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें C-17 की मॉस्को यात्रा की जानकारी नहीं है। अमेरिकी सरकार ने भी इस दौरे पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
उड़ान का विवरण
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान पहले अमेरिका से लातविया की राजधानी रीगा पहुंचा। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 9 बजे रीगा से मॉस्को के लिए रवाना हुआ और व्नुकोवो एयरपोर्ट पर उतरा। विमान RCH4555 कॉल साइन से उड़ रहा था और रूस के हवाई क्षेत्र से होकर मॉस्को पहुंचा।
रूसी अधिकारियों का बयान
रूसी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इस विमान की मॉस्को यात्रा की जानकारी नहीं थी, हालांकि ऐसे विमान के रूस के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने के लिए उनकी मंजूरी आवश्यक होती है।
यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में दौरा
रैटक्लिफ का दौरा ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिशें आगे नहीं बढ़ रही हैं। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अब तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।
पहला ज्ञात CIA डायरेक्टर का दौरा
इससे पहले मॉस्को जाने वाले आखिरी ज्ञात CIA डायरेक्टर विलियम बर्न्स थे, जिन्होंने नवंबर 2021 में रूस का दौरा किया था। उसके कुछ महीने बाद रूस ने यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था।
C-17 ग्लोबमास्टर की क्षमताएं
C-17 ग्लोबमास्टर अमेरिकी वायुसेना का भारी सैन्य परिवहन विमान है। इसका इस्तेमाल सैनिकों, टैंकों, सैन्य वाहनों और भारी सामान को ले जाने में किया जाता है। इसके अलावा यह हवा से सामान गिराने, घायल सैनिकों को निकालने और आपदा के समय राहत सामग्री पहुंचाने में भी उपयोग होता है। इसकी गति करीब 834 किमी/घंटा है और यह 3,500 फीट लंबी रनवे से भी उड़ान भर सकता है। यह पीछे की ओर भी चल सकता है।
भारत में C-17 की मौजूदगी
भारत के पास C-17 ग्लोबमास्टर के 11 विमान हैं। भारत ने 2011 में अमेरिका से 10 C-17 ग्लोबमास्टर III खरीदने का करीब 4.1 अरब डॉलर का सौदा किया था। पहला प्लेन जून 2013 में भारत पहुंचा और बाकी 9 विमानों की डिलीवरी 2014 तक पूरी हो गई। 2019 में भारत को 11वां C-17 मिला, जो पहले से बना हुआ था और बोइंग के पास बिना किसी खरीदार के रखा था। भारत के सभी 11 विमान भारतीय वायुसेना की 81 स्क्वाड्रन ‘स्काई लॉर्ड्स’ का
Janmejay Chaturvedi