चुनाव आयोग करेगा देशभर में SIR लागू
चुनाव आयोग (ECI) ने पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया लागू करने की योजना बनाई है। इस प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाएगा, जिसमें मृत, विदेशी और स्थानांतरित मतदाताओं को हटाने का कार्य किया जाएगा। इसकी शुरुआत इस वर्ष के अंत में होगी, जिससे 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तैयारियां पूरी की जा सकें।
बिहार में SIR का सफल परीक्षण
बिहार में SIR का परीक्षण पहले ही किया जा चुका है, जहां एक महीने में करीब तीन करोड़ वोटरों की जानकारी की जांच की गई। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया। विपक्ष का आरोप है कि यह गरीबों के वोट छीनने की एक साजिश है।
विरोध और विवाद
बिहार में इस प्रक्रिया के खिलाफ महागठबंधन ने बंद का आयोजन किया, जिसमें ट्रेनें रोकी गईं और हाईवे जाम किए गए। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर प्रदर्शन किया, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए दो तरीके सुझाए हैं—एक तरफ बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर जानकारी लेंगे, और दूसरी ओर लोग ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।
यह प्रक्रिया भविष्य में चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में बहस और चर्चा जारी है।