इंदौर चिड़ियाघर में जल्द शुरू होगा 14-डी थिएटर: वीआर ग्लास से मिलेगा असली रोमांच
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में 14-D थिएटर तैयार होने की कगार पर है। अगले 15 से 20 दिन में इसकी शुरुआत हो सकती है। इसका काम करने वाले लोग इसकी बारिकियों और कमियों को दूर करने में लगे है। साथ ही ट्रायल लेकर सभी चीजें चेक की जा रही है, ताकि आगे कोई परेशानी ना आए। इस थिएटर में चाइना की टेक्नोलॉजी दर्शकों को देखने को मिलेगी। यहां दर्शकों को आभासी दुनिया में असली रोमांच महसूस होगा।
चिड़ियाघर प्रबंधन का दावा है कि यह देश का पहला जू है, जहां 14-D थिएटर तैयार किया जा रहा है। इसे उस जमीन पर विकसित किया गया है, जो खाली पड़ी थी और उपयोग में नहीं आ रही थी। पिछले साल मार्च में यहां पीपीपी मोड पर काम शुरू किया गया था।
बारीकियों-कमियों को कर रहे दूर
चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव का कहना है कि संभवत: आगामी 15 से 20 दिन में इसे शुरू किया जा सकता है। इसे तैयार करने वाले लोग इसकी बारीकियों और कमियों को दूर करने में लगे हैं। साथ ही सभी चीजों का ट्रायल भी लिया जा रहा है, ताकि आगे कोई परेशानी ना आए। ये तैयार होने के बाद यहां आने वाले दर्शकों के लिए ये भी खास आकर्षण का केंद्र होगा।
आभासी दुनिया का असली रोमांच
थिएटर में फिल्म दिखाए जाने के दौरान दर्शक वीआर (वर्चुअल रियलिटी) ग्लास पहनकर दृश्यों को अपने सामने घटित होता हुआ महसूस कर सकेंगे। वे वर्चुअल दुनिया को अपने आसपास सजीव रूप में अनुभव कर पाएंगे। स्क्रीन पर जो दृश्य दिखाई देगा, दर्शकों को ऐसा लगेगा मानो वे स्वयं उसका हिस्सा हों।
उदाहरण के तौर पर, यदि स्क्रीन पर बादल गरजेंगे तो उसकी गड़गड़ाहट का अहसास होगा। बारिश के दृश्य के दौरान पानी की बौछारें महसूस होंगी और हवा चलने पर उसका प्रभाव भी दर्शकों तक पहुंचेगा। यदि किसी दृश्य में पहाड़ से नीचे उतरने का अनुभव दिखाया जाएगा तो सीटों की गतिविधियां भी उसी के अनुरूप होंगी। यानी स्क्रीन पर दिखने वाला हर दृश्य दर्शकों को वास्तविक अनुभव का एहसास कराएगा।
इस थिएटर में 14 विशेष इफेक्ट्स एक साथ काम करेंगे, जिससे दर्शकों को रोमांचकारी अनुभव मिलेगा। 14-D थिएटर के अलावा यहां होलोग्राम जू भी बनाया जाएगा, जहां हवा में विभिन्न जीव-जंतुओं की त्रिआयामी आकृतियां दिखाई देंगी। यह आकर्षण भी दर्शकों को खास अनुभव देगा।
इसके अलावा परिसर में वॉटरफॉल, कैफेटेरिया, जंगल सफारी और भूलभुलैया जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
Vivek Singh