डॉ. अंबेडकर पर वकील का विवादित बयान

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डॉ. अंबेडकर पर वकील का विवादित बयान

डॉ. अंबेडकर पर वकील के विवादित बयान

ग्वालियर के एडवोकेट अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को संविधान निर्माता मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर की दलित पहचान पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपना लिया था, इसलिए वे दलित नहीं थे।

संविधान निर्माण पर सवाल

अनिल मिश्रा का दावा है कि भारतीय संविधान के असली निर्माता बीएन राव थे। उन्होंने कहा कि बीएन राव ने 60 देशों का दौरा कर संविधान की तुलना की और ड्राफ्ट तैयार किया। मिश्रा ने कहा कि अंबेडकर केवल संविधान सभा के सदस्य थे और किसी भी अनुच्छेद का निर्माण नहीं किया।

SC/ST एक्ट को बताया अंधा कानून

मिश्रा ने SC/ST एक्ट को अंधा कानून बताते हुए कहा कि इसके तहत फर्जी मामलों की भरमार है। उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में आरोपी बरी हो जाते हैं, लेकिन उन्हें कोई हर्जाना नहीं मिलता। उन्होंने इस एक्ट के तहत मामलों का डेटा जारी करने की बात कही है।

सोशल मीडिया पर विवाद तब शुरू हुआ जब मिश्रा ने अंबेडकर को अंग्रेजों का एजेंट बताया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई से डरते नहीं हैं और अपनी राय व्यक्त करना उनका अधिकार है।

निष्कर्ष

मिश्रा का बयान डॉ. अंबेडकर के योगदान और पहचान पर सवाल उठाता है। उनका दावा है कि संविधान निर्माण और SC/ST एक्ट पर बहस होनी चाहिए। हालांकि, उनके बयान ने विवाद को जन्म दिया है और उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

Faraz Khan