देशभर में LPG सिलेंडर संकट गहराया, दो बुजुर्गों की मौत; सरकार ने उठाए कड़े कदम
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के कारण देशभर में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। इस संकट के चलते लाइन में लगे दो बुजुर्गों की मौत हो चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के 76 वर्षीय मोहम्मद मुख्तियार और पंजाब के बरनाला के 66 वर्षीय भूषण कुमार मित्तल शामिल हैं। दोनों की मौत हार्ट अटैक से हुई।
राज्यों में गहराया संकट और प्रभाव
देश के विभिन्न राज्यों में LPG संकट के अलग-अलग प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। बिहार और राजस्थान में गैस सिलेंडर की कमी के कारण लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ में व्यावसायिक सिलेंडर की कमी के चलते होटलों में 10% सरचार्ज वसूला जा रहा है, जबकि कई होटल लकड़ी के चूल्हों पर खाना बना रहे हैं और अपने मेन्यू में भी कटौती कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और कन्नौज जैसे शहरों में लोग रातभर सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर इंतजार कर रहे हैं और कई जगहों पर हंगामा भी देखा गया है।
कालाबाजारी और जमाखोरी
LPG संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी और जमाखोरी भी बढ़ गई है। कई जगहों पर 2 हजार रुपए का कमर्शियल सिलेंडर 4 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में गोदामों पर छापेमारी कर रही है। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी के लिए 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, और ऑनलाइन बुकिंग बंद होने के कारण लोग सीधे एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की बढ़ती मांग
गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण खाना पकाने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन हीटर की मांग में अचानक कई गुना वृद्धि हुई है। दुकानदार जो पहले मुश्किल से एक-दो इंडक्शन बेच पाते थे, अब रोजाना 8 से 15 इंडक्शन बेच रहे हैं। विशेष रूप से होटल और ढाबा संचालक व्यावसायिक LPG गैस के विकल्प के तौर पर इंडक्शन खरीद रहे हैं। लकड़ी और कोयले के दाम भी तेजी से बढ़े हैं।
सरकार द्वारा उठाए गए कदम
इस गंभीर संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं:
हालांकि, सरकार द्वारा उत्पादन बढ़ाने और नियमों में बदलाव के बावजूद जमीन पर स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है और एजेंसियों के बाहर कतारें कम नहीं हो रही हैं। उपभोक्ता लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
Vivek Singh